ईरान ने अमेरिकी धमकियों को बौखलाहट बताया, पुतिन ने दी युद्ध समाधान की गारंटी
ईरान के परमाणु प्रमुख ने अमेरिका की धमकियों को वॉशिंगटन की बौखलाहट बताते हुए आईएईए पर दोहरे मापदंड लगाने का आरोप लगाया। इसी बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख से मिलकर युद्ध समाधान में मदद का भरोसा दिया।

तेहरान, 6 नवंबर: ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने अमेरिका की हालिया धमकियों को वॉशिंगटन की 'बौखलाहट' का परिणाम बताया है। गुरुवार को रूसी मीडिया 'रूस टुडे' से बातचीत में इस्लामी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा बार-बार ईरानी परमाणु ठिकानों, विशेष रूप से कुह-ए-कोलांग (पिकैक्स माउंटेन) पर हमले की धमकी देना, उनकी आंतरिक बेचैनी का साफ संकेत है। ईरानी अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका पहले भी अन्य स्थानों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाने की बात कर चुका है, जो उनकी रणनीतिक असफलता को दर्शाता है।
इस्लामी ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी पर भी तीव्र आलोचना की। उनका दावा है कि ग्रोसी ईरान के विरोधियों को देश के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी गोपनीय जानकारी देकर उनके 'आज्ञाकारी एजेंट' की तरह काम कर रहे हैं। इस्लामी ने इसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को दी गई शक्तियों का गलत इस्तेमाल बताया, जिससे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईएईए के द्वारा अपनाए गए दोहरे मापदंड अब इतने स्पष्ट हो चुके हैं कि उन्हें खुले तौर पर लागू किया जा रहा है।
एनपीटी से बाहर निकलने और रूस का समर्थन
सवाल के जवाब में कि क्या ईरान परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) से बाहर निकल सकता है, इस्लामी ने कहा कि यह एक उच्च स्तरीय रणनीतिक फैसला होगा जो देश के संप्रभु अधिकारों के दायरे में आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाजी में नहीं लेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को प्राथमिकता देते हुए एक व्यापक रणनीतिक ढांचे के तहत तय करेगा। इसी दौरान, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई से मॉस्को में मुलाकात कर युद्ध समाधान के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
पुतिन ने ईरानी परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों की निंदा की और मौजूदा संघर्ष को गलत बताया। रेजाई ने इस मुलाकात के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई का संदेश पुतिन तक पहुंचाया। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिति, युद्ध के बाद की सुरक्षा व्यवस्था और ऊर्जा सहयोग, विशेष रूप से रूस से ईरान तक गैस पाइपलाइन बनाने की योजना पर चर्चा की। ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत के लिए सात शर्तें रखी हैं, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य का भविष्य और प्रतिबंधों का हटाना शामिल है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान अमेरिका की मंजूरी के बिना परमाणु कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर ईरान के बाकी हिस्सों को भी तबाह करने का फैसला लिया जा सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि फरवरी में शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरान को दोबारा खड़ा होने में 25 साल लग सकते हैं।
पृष्ठभूमि
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फरवरी 2026 में शुरू हुए संघर्ष के बाद बढ़ा है। ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए सात शर्तें रखी हैं, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य का भविष्य, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी रोक, प्रतिबंध और परमाणु कार्यक्रम शामिल हैं। इसी बीच रूस, जो कि यूक्रेन युद्ध में अमेरिका के विरोधी पक्ष में है, ईरान के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश में है।
स्रोत
यह ख़बर इन 3 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- punjabkesari.com — परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी धमकियां उसकी बौखलाहट दिखाती हैं: ईरान
- bhaskarhindi.com — परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी धमकियां उसकी बौखलाहट दिखाती हैं ईरान | ???? ?? ?????? ?????? ?? ????: ?????? ??????? ?? ??????? ??????? ???? ??????? ?????? ???
- hindi.news18.com — ‘ईरान का बाकी हिस्सा भी तबाह कर दूंगा’, ट्रंप की नई धमकी, उधर पुतिन बन गए तेहरान की ढाल
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


