बेंगलुरु: कैब ड्राइवर ने पत्नी समेत सातों को मारा, शवों को छुपाकर दिया गुमशुदगी की रिपोर्ट
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक कैब ड्राइवर ने पत्नी समेत परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शवों को छुपाया और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिससे मामला सामने आया।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक ही परिवार के सात सदस्यों की हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान इंदुशेखर के रूप में की है, जो पेशे से एक कैब ड्राइवर है। शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी ने अपनी पत्नी सुनीता, सास रुपवती, दो साले शिवकुमार और शंकर, उनकी पत्नियां दिव्या और नलिनी, तथा शिवकुमार के सात वर्षीय बेटे पुनीत की हत्या की।
हत्या की साजिश और तरीका
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह सिलसिला 16 अक्टूबर से शुरू हुआ था। आरोपी ने सबसे पहले शराब पीने के बाद अपने पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के दौरान पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी सास को भी मौत के घाट उतार दिया। जब उसके दो भाई अपनी मां और बहन की तलाश में उसके पास पहुंचे, तो उसने उन्हें भी शराब पार्टी के बहाने बुलाया और हत्या कर दी। इस तरह एक ही परिवार के सात लोगों की जान चली गई।
जांच में पता चला कि आरोपी ने एक साथ सभी हत्याओं को अंजाम देने के बजाय हर वारदात के बीच तीन से चार दिन का अंतर रखा था। वह पीछे से हमला कर चक्की के पत्थर से पीट-पीटकर लोगों की जान लेता था। हत्या के बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए उसने प्लास्टिक और बोरियों का इस्तेमाल किया और घर को रसायनों से साफ कर खून के निशान मिटा दिए ताकि किसी को शक न हो।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला राज
हत्या के बाद आरोपी ने घर से बाहर निकलकर श्रीरामपुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। उसने परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन अपने पास रख लिए और रिश्तेदारों को संदेश भेजकर बताया कि वे घूमने गए हैं और वहां नेटवर्क की समस्या है। इस तरह उसने कई दिनों तक लोगों को गुमराह किया।
जब परिवार के सदस्यों के लापता होने की सूचना पुलिस तक पहुंची, तो जांच शुरू हुई। पुलिस ने मोबाइल फोन की लोकेशन खंगाली, जिससे पता चला कि सभी फोन एक ही जगह पर हैं। इससे पुलिस का शक गहराया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सख्त पूछताछ के दौरान ही सात हत्याओं का पूरा मामला सामने आया।
पुलिस के अनुसार, अब तक केवल सात वर्षीय पुनीत का शव बरामद हुआ है, जिसे नंदी हिल्स की तलहटी के पास करीब चार घंटे की तलाशी अभियान के बाद मिला है। बाकी छह शवों की तलाश जारी है। जांच में सामने आया है कि शवों को नंदीबेट्टा और चिक्कमगलुरु जिले के चारमाडी घाट इलाके में फेंका गया है।
पुलिस ने आरोपी की नाबालिग बेटी की भूमिका भी जांच के दायरे में लिया है। आरोप है कि इंदुशेखर ने बेटी का ब्रेनवॉश किया और उसे परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ भड़काया। उसने बेटी को यह मानसिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की कि परिवार के लोग उनकी जान के दुश्मन हैं। पुलिस आयुक्त ने भी बताया है कि नाबालिग बेटी से पूछताछ की जा रही है।
इंदुशेखर ने पत्रकारिता की पढ़ाई भी की है और कुछ समय तक पत्रकार के तौर पर काम भी किया था। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे असली वजह क्या थी।
पृष्ठभूमि
मामले की शुरुआती जांच में घरेलू विवाद और पारिवारिक तनाव को इस वारदात की वजह माना जा रहा है। आरोपी को लगता था कि उसकी पत्नी अपने मायके वालों की बात ज्यादा मानती है और जब वह शिकायत करता था तो वे पत्नी का पक्ष लेते थे, जिससे उसकी नाराजगी बढ़ती गई।
स्रोत
यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- tv9hindi.com — बेंगलुरु: 7 कत्ल, शव ठिकाने लगाने का प्लान और फिर गुमशुदगी की रिपोर्ट... कैसे खुला राज?
- hindikhabar.com — Bengaluru Crime News : बेंगलुरु में 7 हत्याओं से सनसनी, कैब ड्राइवर पर
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


