अयोध्या दीपोत्सव 2026: उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री करेंगे रामलला की आरती
7 नवंबर को आयोजित दसवें दीपोत्सव पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ श्रीरामलला की आरती करेंगे। इस अवसर पर रामकथा पार्क में 500 साल के इतिहास की विशेष प्रदर्शनी भी लगेगी।

अयोध्या में 7 नवंबर को आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव-2026 के लिए विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस पावन अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की आरती करेंगे। आरती का समय अपराह्न 2:30 से 3:00 बजे के बीच निर्धारित किया गया है। यह दीपोत्सव आगामी दीपावली से एक दिन पहले आयोजित किया जा रहा है, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ गई है।
ऐतिहासिक प्रदर्शनी और राज्याभिषेक समारोह
इस बार की विशेषता यह है कि संस्कृति विभाग की ओर से रामकथा पार्क में एक व्यापक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें अयोध्या के 500 साल के इतिहास को प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में वर्ष 1500 ईस्वी से लेकर वर्तमान समय तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को क्रमबद्ध तरीके से दिखाया जाएगा। इसमें श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रमुख पुरोधाओं के योगदान को अभिनय आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। साथ ही, मंदिर निर्माण की प्रक्रिया और अयोध्या के शहरी विकास की यात्रा को भी दर्शाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की यात्रा का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा श्री राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में शामिल होना है। इस अवसर पर वे सम्मानित संतों का भी सम्मान करेंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव स्वामी गोविन्ददेव गिरि जी महाराज उपराष्ट्रपति का स्वागत करेंगे, जबकि न्यास की धार्मिक समिति के पांच संत भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
व्यवस्थाओं की समीक्षा और दीप प्रज्वलन
दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को यात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) के सभागार में मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सभी क्षेत्र प्रभारियों ने सूचित किया कि शनिवार को दीप प्रज्वलन की समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में लगभग एक लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। न्यास की व्यवस्थाओं से जुड़े लगभग 1,500 श्रद्धालु इस कार्य में सहयोग करेंगे, जबकि आमंत्रित परिवारों सहित लगभग 1,500 अन्य श्रद्धालु भी सहभागी होंगे। इस प्रकार कुल लगभग 3,000 श्रद्धालु मंदिर परिसर में दीपोत्सव के साक्षी बनेंगे। सभी आमंत्रितों का प्रवेश दोपहर 12 बजे तक सुनिश्चित किया गया है।
आयोजकों का लक्ष्य सरयू नदी के किनारे और 'राम की पैड़ी' समेत 56 घाटों पर 30 से 33 लाख से अधिक मिट्टी के दीए जलाने का है। प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अपर जिलाधिकारी इन्द्रकांत द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक विजय शंकर मिश्र ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 12 जगहों पर एंबुलेंस तैनात किए गए हैं और 12 निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित रखे गए हैं।
पृष्ठभूमि
दीपोत्सव अयोध्या का एक प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है, जो दीपावली से एक दिन पहले मनाया जाता है। इस बार यह दसवां दीपोत्सव है, जिसमें अयोध्या के ऐतिहासिक विकास और मंदिर निर्माण की यात्रा को विशेष प्रकाश में लाने का प्रयास किया गया है।
स्रोत
यह ख़बर इन 3 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- punjabkesari.com — उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री एक साथ करेंगे श्रीरामलला की आरती
- hindikhabar.com — UP News : दीपोत्सव-2026 में दिखेगा अयोध्या का 500 साल का इतिहास
- bhaskarhindi.com — उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन अयोध्या दीपोत्सव 2026 में होंगे शामिल | V-P Radhakrishnan to join Ayodhya Deepotsav 2026 tomorrow
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


