मोहम्मद शमी ने 13 साल के टेस्ट करियर को दिया अलविदा, सीमित ओवरों में खेलेंगे
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 7 नवंबर 2026 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह वनडे और टी-20 प्रारूपों में खेलना जारी रखेंगे।

भारतीय क्रिकेट की दुनिया में शुक्रवार का दिन एक भावुक पल के रूप में याद किया जाएगा। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, जिन्हें फैंस प्यार से 'लाला' कहते हैं, ने 13 साल लंबे टेस्ट करियर को अलविदा कह दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर यह घोषणा की कि वह अब लाल गेंद के क्रिकेट में नहीं खेलेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका सफर वनडे और टी-20 जैसे सीमित ओवरों के प्रारूपों में जारी रहेगा।
शमी का टेस्ट डेब्यू 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ हुआ था। ठीक 13 साल बाद, 7 नवंबर 2026 को उन्होंने इसी दिन के आसपास संन्यास की घोषणा कर क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने अपनी निराशा जताई, जबकि अन्य ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें विदाई दी। एक यूजर ने लिखा, 'लाला, आज कुछ लोगों को चैन मिल गया होगा,' जबकि दूसरों ने कहा कि 'आपके योगदान को भारत और क्रिकेट प्रेमी कभी नहीं भूलेंगे।' हर तरफ 'हैप्पी रिटायरमेंट लाला' के संदेश छा गए।
करियर के आंकड़े और यादगार प्रदर्शन
मोहम्मद शमी के टेस्ट करियर की बात करें, तो उन्होंने भारत के लिए कुल 64 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 27.71 की बेहतरीन औसत से 229 विकेट अपने नाम किए। उनके करियर की सबसे बड़ी खासियत थी नई और पुरानी दोनों गेंदों से सीम और स्विंग का जादू। इसी हुनर के दम पर वे भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के मजबूत स्तंभ बने। विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और भारत में खेले गए 35 टेस्ट मैचों में उन्होंने 25 से कम की औसत से 131 विकेट झटके, जो उनके दबदबे का साफ प्रमाण है।
दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर उनका प्रदर्शन इतिहास में दर्ज है। 2018 के दौरे पर जोहानिसबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन देकर 5 विकेट लिए थे, जिससे भारत को सांत्वना जीत मिली थी। इसके बाद सेंचुरियन में उन्होंने पूरे मैच में 8 विकेट लेकर भारत की ऐतिहासिक जीत की नींव रखी। शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मैच जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लंदन के द ओवल मैदान पर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेला था।
संन्यास के पीछे कारण और आगे का सफर
शमी लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे थे। 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से वे भारतीय टीम में जगह नहीं बना पा रहे थे। लगातार चोटों और फिटनेस समस्याओं ने उनके टेस्ट करियर को प्रभावित किया था। हालांकि, टेस्ट प्रारूप से दूर रहने के बावजूद, वह सीमित ओवरों की क्रिकेट में भारतीय टीम का अनिवार्य हिस्सा बने रहे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जब उन्होंने पहली बार टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब उनका एक ही सपना था देश के लिए कुछ कर दिखाना। हर विकेट, संघर्ष और चोट ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया। अब वह भारी मन और खूबसूरत यादों के साथ टेस्ट क्रिकेट को विदा दे रहे हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम इतिहास में उनकी जगह हमेशा बनी रहेगी।
पृष्ठभूमि
मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट के प्रमुख तेज गेंदबाजों में से एक थे, जिन्हें उनकी नई और पुरानी गेंद से सीम और स्विंग की क्षमता के लिए जाना जाता था। वे 2013 से 2023 तक टेस्ट क्रिकेट में सक्रिय रहे और 2023 के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने वाले थे।
स्रोत
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- hindi.news18.com — थैंक यू लाला… शमी के संन्यास के बाद फैंस बोले- लोगों को चैन मिल गया होगा
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