गोवा में एसटी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट में जाएगी सरकार
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ द्वारा एसटी आबादी के अनुमान पर अंतरिम रोक लगने के बाद, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला लिया गया।

गोवा सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के लिए विधानसभा में राजनीतिक आरक्षण की प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने एसटी आबादी के अनुमानित आंकड़ों से जुड़ी अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इस आदेश के बाद समुदाय में चिंता फैली और आदिवासी नेताओं ने आरक्षण लागू होने में देरी के विरोध में नाराजगी प्रकट की।
उच्चस्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से फैसला
शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में पणजी में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के कानूनी प्रभावों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में गोवा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. गणेश गांवकर, जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तवडकर, महाधिवक्ता देविदास पंगम, गोवा भाजपा अध्यक्ष दामू नाइक और अधिवक्ता नरेंद्र सावईकर सहित एसटी समुदाय के कई प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित थे। विस्तृत मंशा-चर्चा के बाद, सभी उपस्थितों की सहमति से निर्णय लिया गया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाया जाएगा और आरक्षण की प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली में केंद्र से मुलाकात की तैयारी
इस रणनीति का पहला कदम नई दिल्ली में उठाया जाएगा। जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तवडकर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से मुलाकात करेगा। इस दल का उद्देश्य भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मिलकर हाईकोर्ट के आदेश के प्रभावों पर चर्चा करना और आगे की कानूनी रणनीति के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करना है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बैठक के बाद दोहराया कि उनकी सरकार एसटी समुदाय को विधानसभा में प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार 2027 के गोवा विधानसभा चुनावों से पहले इस लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और राज्य सरकार कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
पृष्ठभूमि
गोवा में एसटी समुदाय के लिए विधानसभा सीटों का आरक्षण लंबे समय से लंबित था। हाल ही में जारी अधिसूचना को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर अदालत ने अंतरिम रोक लगा दी। इस आदेश ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चिंता का माहौल बना दिया है, जिसके जवाब में राज्य सरकार ने कानूनी स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का सहारा लेने का निर्णय लिया है।
स्रोत
यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- punjabkesari.com — एसटी समुदाय के राजनीतिक आरक्षण को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी गोवा सरकार
- bhaskarhindi.com — एसटी समुदाय के राजनीतिक आरक्षण को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी गोवा सरकार | Goa govt to move Supreme Court over ST political reservation
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


