G20 बैठक में रूस पर विवाद: लावरोव के साथ फोटो से यूरोप ने किया इनकार
अटलांटा में हो रही G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ सामूहिक फोटो सेशन को यूरोपीय देशों की आपत्ति के चलते रद्द कर दिया गया।

अमेरिका के अटलांटा में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के पहले दिन एक बड़ा कूटनीतिक विवाद सामने आया है। बैठक के प्रारंभिक कार्यक्रम के तहत सभी प्रतिभागी देशों के विदेश मंत्रियों की सामूहिक तस्वीर खिंचवाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन कई यूरोपीय देशों ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ फोटो खिंचवाने पर आपत्ति जताई। इस आपत्ति के चलते अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोटो सेशन रद्द करने का फैसला लिया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मकसद विवाद से ध्यान भटकाना था ताकि बैठक अपनी नियत योजना के अनुसार आगे बढ़ सके।
यह बैठक दिसंबर में मियामी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेजबानी में होने वाले G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारी के तहत आयोजित की गई है। बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाना है। हालांकि, रूस की मौजूदगी ने बैठक के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। पश्चिमी देशों के बीच इस बात पर गहरी मतभेद हैं कि यूक्रेन में युद्ध जारी रहने के बीच रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत करना क्या मॉस्को को वैधता देने का संकेत है।
यूरोप की आपत्ति और रूसी प्रतिक्रिया
जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने स्पष्ट किया कि संवाद उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है, इसलिए वे सभी प्रतिभागियों के साथ तस्वीर खिंचवाने से परहेज नहीं करेंगे, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जब तक युद्ध जारी है, रूस के साथ संबंध सामान्य नहीं हो सकते। वाशिंगटन स्थित सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी के एसोसिएट फेलो निकोलस लॉकर के अनुसार, अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी पहले मॉस्को के साथ सामान्य संबंध बहाल करने के खिलाफ एकजुट थे, लेकिन अब यह सहमति टूट चुकी है।
दूसरी ओर, रूस के विदेश मंत्रालय ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बताया कि रूसी प्रतिनिधिमंडल के वीजा से जुड़ी प्रक्रिया आखिरी समय में पूरी हुई, जिससे ऐसा लगता है कि वाशिंगटन में सभी लावरोव की भागीदारी से खुश नहीं हैं। लावरोव ने कहा है कि वे इस बैठक का उपयोग वैश्विक आर्थिक संस्थानों में सुधार और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए करेंगे।
यूक्रेन और दक्षिण अफ्रीका की गैर-मौजूदगी
बैठक में यूक्रेन की गैर-मौजूदगी ने भी विवाद को और गहरा किया है। अमेरिकी प्रशासन ने निमंत्रण केवल G20 के औपचारिक सदस्य देशों तक सीमित रखा, जिसके कारण यूक्रेन को अतिथि सूची में जगह नहीं मिली। सेंटर फॉर यूरोपियन पॉलिसी एनालिसिस के वरिष्ठ फेलो जेम्स लैमोंड ने कहा कि यूक्रेन की मौजूदगी के बिना किसी भी ठोस मुद्दे पर बातचीत संभव नहीं है। इसी तरह, G20 के संस्थापक सदस्य और एकमात्र अफ्रीकी देश दक्षिण अफ्रीका भी इस बैठक में शामिल नहीं हुआ। दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनकी गैर-मौजूदगी अपनी मर्जी से नहीं थी, और उन्होंने अन्य सदस्य देशों के समर्थन का स्वागत किया।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि बैठक की सर्वोच्च प्राथमिकता 'नेविगेशन की स्वतंत्रता' से जुड़े मुद्दों को सुलझाना है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और दक्षिण चीन सागर शामिल हैं। हालांकि, ईरान पर संभावित नए सैन्य हमलों की आशंका ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या G20 सदस्य देश अपने गहरे मतभेदों को दूर करके आर्थिक मुद्दों पर सहमति बनाने में सक्षम होंगे या नहीं।
पृष्ठभूमि
G20 दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। पिछले वर्षों में इस समूह ने यूक्रेन युद्ध और अन्य वैश्विक संकटों पर पश्चिमी देशों के साथ रूस के संबंधों को लेकर तीव्र बहस की है। अमेरिका की मेजबानी में हो रही यह बैठक दिसंबर में मियामी में होने वाले शिखर सम्मेलन की तैयारी के रूप में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्रोत
यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- tv9hindi.com — G20 बैठक में रूस पर रार: लावरोव के साथ फोटो खिंचवाने से यूरोप का इनकार, अमेरिका ने रद्द किया सेशन
- bhaskarhindi.com — अटलांटा में लावरोव की मौजूदगी से जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में मतभेद, रूस को लेकर पश्चिमी देशों में दरार | Lavrov in Atlanta, no family photo: G20 ministers split over Russia
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


