चीन की केंद्रीय सैन्य कमान में बचे सिर्फ दो सदस्य, शी जिनपिंग ने किया बड़ा सफाया
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी की हालिया बैठक के बाद सेना और रक्षा उद्योग के कई वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद केंद्रीय सैन्य आयोग में केवल दो सदस्य शेष बचे हैं।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में कम्युनिस्ट पार्टी की चार दिवसीय बैठक के बाद अपनी सेना और सरकार के भीतर एक व्यापक सफाया किया है। इस कार्रवाई को विश्व के रक्षा विशेषज्ञों ने इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य सफाया बताया है। जिनपिंग ने पार्टी अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बहाने चीन की केंद्रीय सैन्य कमान (CMC) के कई वरिष्ठ अधिकारियों को हटा दिया है। इस नई स्थिति में, कभी सात सदस्यों वाली इस शक्तिशाली कमान में अब केवल दो ही लोग शेष बचे हैं।
सैन्य कमान में वरिष्ठ अधिकारियों की बर्खास्तगी
बैठक के दौरान पूर्व केंद्रीय सैन्य आयोग उपाध्यक्ष झांग और पूर्व सदस्य लियू झेनली को पार्टी से आधिकारिक रूप से बर्खास्त कर दिया गया। इन दोनों पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के मामलों की जांच चल रही थी। झांग को चीनी सेना के सबसे रसूखदार और वरिष्ठ अधिकारियों में से एक माना जाता था। इस बड़े पैमाने पर सफाये के बाद, केंद्रीय सैन्य आयोग में अब केवल राष्ट्रपति शी जिनपिंग और जनरल झांग शेंगमिन शेष बचे हैं। जनरल झांग शेंगमिन, जिन्होंने 2018 से इस साल जुलाई तक सेना के भ्रष्टाचार विरोधी विभाग को संभाला, हाल ही में पोलित ब्यूरो में प्रमोट किए गए थे और उन्हें जिनपिंग के सबसे करीबी सहयोगी माना जाता है।
रक्षा उद्योग के दिग्गजों पर भी कार्रवाई
यह सफाया केवल सेना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चीन के रक्षा और हथियार उद्योग के कई शीर्ष पदों पर बैठे सिविलियन अधिकारियों को भी हटाया गया है। इस सूची में उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी के पूर्व मंत्री जिन जियांगलांग और लेई फैनपेई शामिल हैं। इसके अलावा, चीन की चार सबसे बड़ी सरकारी रक्षा कंपनियों के पूर्व प्रमुखों की भी बर्खास्तगी की गई है। इनमें चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन के पूर्व चेयरमैन यू जियानफेंग, चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन के पूर्व चेयरमैन युआन जी, चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन के पूर्व जनरल मैनेजर झांग झोंगजियांग, और चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन के पूर्व चेयरमैन वोन गैंग शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों ने 2024 के बाद से जनता की नजरों से गायब होकर रहस्यमय तरीके से काम किया था।
चीनी अधिकारियों ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया है कि पार्टी और सेना के भीतर छिपे खतरों को जड़ से उखाड़ फेंका गया है। सेंट्रल कमीशन फॉर डिसिप्लिन इंस्पेक्शन के डिप्टी सेक्रेटरी झांग फुहाई ने कहा कि वे हजारों लोगों को नाराज करना पसंद करेंगे, लेकिन 1.4 अरब देशवासियों को निराश नहीं होने देंगे। आंकड़ों के अनुसार, 2012 में जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद से अब तक 81 लाख मामले दर्ज किए गए हैं और 79 लाख लोगों को सजा दी गई है, जिनमें 963 वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इस सख्त माहौल के कारण सरकारी तंत्र में सन्नाटा पसर गया है और अधिकारी नए फैसले लेने से कतराने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम 2027 में होने वाली 21वीं पार्टी कांग्रेस से पहले जिनपिंग की सत्ता को मजबूत करने का प्रयास है।
पृष्ठभूमि
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह तीसरा कार्यकाल है। उनके पहले कार्यकाल में 35 और दूसरे कार्यकाल में 5 केंद्रीय समिति सदस्यों पर कार्रवाई हुई थी, जबकि इस कार्यकाल में अब तक 51 सदस्यों को पार्टी से बाहर किया जा चुका है। हालिया बैठक में 205 पूर्ण सदस्यों में से केवल 162 उपस्थित थे, जो जिनपिंग के शासनकाल में सबसे कम उपस्थिति है।
स्रोत
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- hindi.news18.com — जिनपिंग का अब तक का सबसे बड़ा 'सैन्य सफाया', चीन की टॉप मिलिट्री कमांड में बचे सिर्फ 2 लोग
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