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अग्निवीर स्कीम में बड़ा बदलाव: चार वर्ष की अवधि बढ़कर होगी छह वर्ष, स्थायी सेवा का विकल्प खुला

केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना में संशोधन करते हुए प्रशिक्षण अवधि को चार से बढ़ाकर छह वर्ष कर दिया है, जिससे सभी सैनिकों को स्थायी सेवा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

तस्वीर: punjabkesari.com

भारतीय सेना के अग्निवीर कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव लाया गया है। केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि अब सैनिकों की प्रशिक्षण और सेवा अवधि चार वर्षों की बजाय छह वर्षों की होगी। इस संशोधन के तहत, छह वर्षों के कार्यकाल के बाद सभी अग्निवीरों को सेना में स्थायी सेवा करने का विकल्प दिया जाएगा, बशर्ते वे निर्धारित शर्तों को पूरा करें। यह फैसला मौजूदा योजना में की गई आलोचनाओं और सैनिकों की चिंताओं को देखते हुए लिया गया है।

पृष्ठभूमि और आलोचना

अग्निवीर योजना चार वर्षों पहले शुरू की गई थी, जिसमें केवल चार वर्षों के लिए सैनिकों की भर्ती होती थी। इस पुरानी संरचना में सेना केवल 25 प्रतिशत सैनिकों को स्थायी सेवा में रखती थी और शेष 75 प्रतिशत को रिटायर कर दिया जाता था। इस व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भारी आलोचना हुई थी। विपक्षी दलों ने 2024 के लोकसभा चुनावों में वादा किया था कि सत्ता में आने पर वे इस योजना को रद्द करके पूर्ववत स्थायी भर्ती प्रणाली को बहाल करेंगे। सैनिकों के परिवारों और युवाओं ने भी चार वर्षों के अल्प कार्यकाल को भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया था।

नई व्यवस्था का प्रभाव

नई व्यवस्था के तहत, फिलहाल सेना के तीनों अंगों (थल, जल और नभ) में लगभग तीन लाख अग्निवीर प्रशिक्षण में हैं। इनमें से पहली चार वर्षीय खेप के अंत में 19 हजार सैनिक थल सेना में, 2500 जल सेना में और 2900 वायुसेना में स्थायी सेवा में शामिल हो चुके हैं। शेष 75 प्रतिशत सैनिकों के लिए अब दो वर्षों की अतिरिक्त अवधि शुरू होगी। इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार और शिक्षित युवकों को विशेष लाभ मिलेगा, क्योंकि वे अब लंबी अवधि के लिए सेना में सेवा करने की उम्मीद रख सकते हैं।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस संशोधन का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम सेना में संरचनात्मक सुधारों को बल देगा। उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई अवधि से सैनिकों को तकनीकी क्षेत्र में आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे सेना भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में और भी सक्षम बनेगी। इस फैसले से पहले अग्निवीरों के लिए अर्ध-सैनिक बलों में आरक्षण की मांग उठी थी, लेकिन नई स्कीम में इसकी आवश्यकता नहीं रही है क्योंकि अब सभी को स्थायी सेवा का रास्ता खुला है।

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पृष्ठभूमि

भारतीय सेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी सेना है जिसमें 10 लाख से अधिक सैनिक हैं। अग्निवीर योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य सेना को युवा और चुस्त बनाए रखना था। हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान भर्तियां बंद रहने और फिर अग्निवीर स्कीम के शुरू होने से सेना में लगभग 1.80 लाख सैनिकों की कमी दर्ज की गई थी, जिसने इस योजना के संशोधन की आवश्यकता को और प्रबल बना दिया।

स्रोत

यह ख़बर इस स्रोत के आधार पर तैयार की गई है:

  • punjabkesari.com — अग्निवीर स्कीम में संशोधन

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

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