आंध्र में नगर निगम चुनावों पर वाईएस जगन का तीखा बयान: लोकतंत्र का काला अध्याय
वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के नगर निगम चुनावों को 'लोकतंत्र का काला अध्याय' घोषित किया है, जबकि चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण बताया है।

आंध्र प्रदेश में रविवार को हुए शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इस मतदान को 'लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय' बताते हुए आरोप लगाया है कि दिनदहाड़े धांधली हुई। जगन ने दावा किया कि पुलिस की मौजूदगी में भी मतदाताओं को धमकाया गया और उनके मताधिकार का प्रयोग करने से रोका गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि टीडीपी कार्यकर्ताओं द्वारा धांधली और हिंसा का एक वीडियो क्लिप भी साझा किया गया। उन्होंने विशेष रूप से अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र पुलिवेंदुला (यूएलबी) का उदाहरण देते हुए बताया कि 80 में से 70 मतदान केंद्रों पर वाईएसआरसीपी के मतदान एजेंटों को प्रवेश नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे में मतदाता की पहचान कौन करेगा।
चुनाव आयोग का दावा: प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही
दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश के चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने रविवार को बताया कि छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़कर 92 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि 13 नगर निगमों और 79 नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग हुई। जिलों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोपहर 3 बजे तक 48.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
चुनाव आयुक्त ने बताया कि 11,378 पोलिंग सेंटरों पर कुल 99.35 लाख मतदाता वोट डालने के पात्र थे। मेयर, चेयरपर्सन और वार्ड स्तरीय पदों के लिए कुल 10,262 उम्मीदवार मैदान में थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 17 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में चेयरपर्सन पदों के लिए चुनाव सर्वसम्मति से हुए, जबकि आठ नगर पालिकाओं में चेयरपर्सन और वार्ड सदस्य दोनों निर्विरोध चुने गए। वोटों की गिनती 3 नवंबर को होगी।
आयुक्त पुनेथा ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी जांच के लिए पुलिस विभाग और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नंदीयाल, कडप्पा, पलनाडु, मरकापुरम, प्रकाशम, नेल्लोर, तिरुपति, चित्तूर, अनंतपुर, कुरनूल, अन्नमय्या और श्री सत्य साईं जिलों के कलेक्टरों के साथ लगभग 45 मिनट तक चर्चा की। कलेक्टरों के अनुसार, अधिकांश जिलों में मतदान शांतिपूर्ण रहा और केवल कुछ इलाकों से मामूली शिकायतें मिली हैं।
पुलिस महानिदेशक राजा कुमारी ने बताया कि मतदान के दौरान लगभग 40 घटनाएं सामने आईं और 275 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों की गहन जांच की जा रही है। इसी बीच, वाईएसआरसीपी के राज्य समन्वयक सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने दावा किया है कि चंद्रबाबू नायडू ने कृत्रिम जीत हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर चुनावी हेरफेर किया है। पार्टी पुनर्मतदान की मांग करेगी और अदालतों का रुख करेगी।
सज्जाला ने आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया से लेकर मतदान के दिन तक अनियमितताएं चरम पर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, पत्र फाड़े गए और कुछ उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी ने लगभग 1,500 से 2,000 लोगों से संबंधित सबूतों के साथ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था, लेकिन राज्य चुनाव आयोग द्वारा सीसीटीवी निगरानी और समय सीमा बढ़ाने के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया।
पृष्ठभूमि
आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की नेतृत्व वाली टीडीपी और वाईएस जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तीव्र है। यह चुनाव 13 नगर निगमों और 79 नगर पालिकाओं/पंचायतों के लिए थे, जिनमें मेयर, चेयरपर्सन और वार्ड सदस्यों के पदों के लिए मतदान हुआ।
स्रोत
यह ख़बर इन 3 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- punjabkesari.com — लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय: आंध्र प्रदेश नगर निगम चुनाव पर जगन का बयान
- bhaskarhindi.com — लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय आंध्र प्रदेश नगर निगम चुनाव पर जगन का बयान | Pulivendula: YS Jagan Mohan Reddy Stages Protest
- hindi.news18.com — आंध्र प्रदेश के 92 शहरी निकायों में वोटिंग, 10 हजार से अधिक उम्मीदवारों का भविष्य कैद
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


