चार धाम हेलीकॉप्टर सेवाओं पर हड़ताल की चेतावनी, डीजीसीए के नए नियमों के विरोध में
जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे के बाद डीजीसीए द्वारा लागू किए गए दो पायलट अनिवार्य नियमों के विरोध में चार धाम मार्ग पर 11 हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने सेवा स्थगित करने की चेतावनी दी है।

उत्तराखंड के चार धाम मार्ग पर संचालित हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नए सुरक्षा निर्देशों के विरोध में 2 नवंबर से अपनी सेवाएं स्थगित करने की चेतावनी दी है। चमोली के जोशीमठ के पास हुए हालिया हेलीकॉप्टर दुर्घटना के तुरंत बाद डीजीसीए ने यह सख्त फैसला लिया था, जिसके तहत अब सभी हेलीकॉप्टरों में दो पायलटों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
ऑपरेटरों का पक्ष और वित्तीय चिंताएं
चार धाम मार्ग पर सेवाएं दे रहे 13 हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों में से 11 ने डीजीसीए प्रमुख वीर विक्रम यादव, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) को संयुक्त पत्र भेजकर इस निर्देश को वापस लेने की मांग की है। ऑपरेटरों का कहना है कि बिना किसी पूर्व परामर्श या व्यावसायिक मूल्यांकन के यह नियम लागू करना अव्यवहारिक है। हर उड़ान में दो पायलट तैनात करने से परिचालन लागत, क्रू की संख्या और लॉजिस्टिक्स के खर्च में भारी बढ़ोतरी होगी, जिसे सीमित मुनाफे और तय दरों के कारण उठाना संभव नहीं है।
ऑपरेटरों ने यह भी तर्क दिया कि पहाड़ी इलाकों में उड़ान भरने का अनुभव रखने वाले योग्य सह-पायलटों की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद कठिन है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उड़ान मार्गों पर ड्रोन और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों के खतरों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय, ऑपरेटरों पर अचानक नया आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
नए सुरक्षा मानक और जांच
डीजीसीए के नए निर्देशों के अनुसार, सह-पायलट का पहाड़ी इलाकों में उड़ान भरने के लिए योग्य होना जरूरी है। इसके अलावा, प्रत्येक उड़ान से पहले देहरादून के सहस्रधारा कंट्रोल रूम से रूट क्लीयरेंस लेना और हर लैंडिंग के बाद पायलट रिपोर्ट (पीआईआरईपी) दर्ज कराना अनिवार्य किया गया है। ऑपरेटरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस निर्देश की समीक्षा नहीं की जाती और बातचीत से कोई व्यावहारिक समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक वे चार्टर सेवाएं स्थगित रखेंगे।
हाल ही में 30 अक्टूबर को बद्रीनाथ से सहस्रधारा जा रहा एक हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद डीजीसीए की टीम की जांच जारी है और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जांच के आदेश दिए हैं।
पृष्ठभूमि
30 अक्टूबर को बद्रीनाथ से देहरादून लौटते समय जोशीमठ के पास 'चाई' गांव के निकट ट्रांसभारत एविएशन की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल और पांच यात्री, जो कर्नाटक के रहने वाले थे, मारे गए थे। शवों को बरामद कर एम्स ऋषिकेश ले जाया गया था।
स्रोत
यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- tv9hindi.com — 2 पायलट जरूरी... चमोली हादसे के बाद उड़ान के नियम सख्त, भड़के हेलिकॉप्टर ऑपरेटर्स, आज से हड़ताल की चेतावनी
- bhaskarhindi.com — उत्तराखंड जोशीमठ के बाद हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए 6 लोगों के शव बरामद, एम्स ऋषिकेश ले जाए गए | Bodies of 6 killed in U'khand helicopter crash recovered, transported to AIIMS Rishikesh
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


