वीएचपी प्रवक्ता ने दिग्विजय सिंह से पूछा: क्या हिंदुत्व सनातन से अलग किया जा सकता है?
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों की आलोचना की और एएमयू चुनावों में उमर खालिद समर्थन के नारेबाजी पर भी प्रतिक्रिया दी।

नई दिल्ली, 5 नवंबर। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की हालिया टिप्पणियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। बंसल ने सवाल उठाया कि क्या हिंदुत्व को सनातन धर्म से अलग किया जा सकता है और दिग्विजय सिंह से इस स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अलग-अलग नेता अलग-अलग समय पर अलग तरह के बयान देते हैं, जिससे पार्टी की मानसिकता में भ्रम पैदा होता है।
बंसल ने कहा कि दिग्विजय सिंह जैसे नेता दुनिया को दिग्भ्रमित करने का काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस खुद अपने नेताओं के बयानों को लेकर असमंजस में है। वीएचपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पार्टी की विचारधारा में हिंदुओं और सनातन धर्म के प्रति नफरत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने ऐसे लोगों को अपने साथ रखा है, जिन्होंने सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से तुलना की और इसे समाप्त करने की बात की।
एएमयू चुनावों में नारेबाजी पर निंदा
दिग्विजय सिंह के बयानों के अलावा, विनोद बंसल ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के हालिया छात्रसंघ चुनावों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान एक दावेदार की ओर से उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाए गए, साथ ही गाजा और फिलिस्तीन को लेकर भी नारेबाजी हुई। बंसल ने कहा कि जिन लोगों के समर्थन में ये नारे लगाए जा रहे थे, वे गंभीर मामलों में जेल में बंद हैं।
वीएचपी प्रवक्ता ने कहा कि करीब आठ साल बाद होने वाले इन चुनावों में ऐसी नारेबाजी चिंताजनक है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के माहौल को खराब करने की मानसिकता और छात्रों की सोच को प्रभावित करने का प्रयास बताया। बंसल ने एएमयू प्रशासन से मांग की कि नारेबाजी में शामिल कथित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें भविष्य में चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जाए।
बंसल ने मुस्लिम समुदाय की ओर से कुछ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दिखाई जाने वाली प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे 'सेलेक्टिव सेक्युलरिज्म' (चुनिंदा मुद्दों पर ही आवाज उठाना) बताया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सऊदी अरब पर हूती हमले के मामले में वैसी प्रतिक्रिया नहीं दिखाई गई, जबकि अन्य मुद्दों पर जोरदार आवाज उठाई जाती है। बंसल ने दिग्विजय सिंह से मध्य प्रदेश की संस्कृति को समझने की अपील भी की, कहा कि राजनीतिक विचारधारा अपनी जगह है, लेकिन उसे राज्य की संस्कृति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
पृष्ठभूमि
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) एक हिंदू संगठन है जो अक्सर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर कड़ी आवाज उठाता है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रसंघ चुनावों में आतंकी या जेल में बंद व्यक्तियों के समर्थन में नारेबाजी का मामला पिछले कुछ वर्षों में भी सामने आ चुका है, जिस पर विपक्षी दलों और राजनीतिक संगठनों ने अक्सर प्रतिक्रिया दी है।
स्रोत
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- punjabkesari.com — क्या हिंदुत्व सनातन से अलग हो सकता है, दिग्विजय सिंह स्पष्ट करें: वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल
- bhaskarhindi.com — क्या हिंदुत्व सनातन से अलग हो सकता है, दिग्विजय सिंह स्पष्ट करें वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल | ???? ???????? ????? ?? ??? ?? ???? ??, ???????? ???? ?????? ????: ?????? ???????? ????? ????
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