मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए ग्रीनफील्ड हाईवे बनाने की तैयारी
मध्य प्रदेश सरकार 1,398 किलोमीटर लंबे पांच नए एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर बनाने की शुरुआती तैयारियों में जुटी है। मुख्यमंत्री ने सड़क विकास निगम की बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

भोपाल, 5 नवंबर: मध्य प्रदेश अपनी सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पांच नए ग्रीनफील्ड हाईवे बनाने की योजना अमल में ला रहा है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 63,296 करोड़ रुपये है और ये मार्ग 1,398 किलोमीटर लंबे होंगे। ये सभी हाईवे चार लेन वाले और एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर होंगे, जिसका अर्थ है कि इन पर वाहनों के प्रवेश और निकास के लिए केवल तय किए गए बिंदु ही होंगे। इससे राज्य के प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों के बीच यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक होगी, साथ ही मौजूदा सड़कों पर भीड़भाड़ भी कम होगी।
प्रस्तावित पांच कॉरिडोरों में भोपाल-मंदसौर हाईवे (258 किमी), सागर-सतना मार्ग (227 किमी), जबलपुर-आशापुर मार्ग (358 किमी), भोपाल-ग्वालियर कॉरिडोर (320 किमी) और कटनी-सिंगरौली हाईवे (235 किमी) शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले तेज गति के वैकल्पिक मार्ग प्रदान करना है।
परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रक्रिया
वर्तमान में ये सभी परियोजनाएं शुरुआती तैयारी के चरण में हैं। भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना और जबलपुर-आशापुर कॉरिडोरों के लिए सलाहकार कंपनियां व्यवहार्यता रिपोर्ट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रही हैं। इन रिपोर्टों में कई अलग-अलग रास्ता विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसके बाद मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम सबसे उपयुक्त रास्ते का चयन करेगा।
दूसरी ओर, भोपाल-ग्वालियर और कटनी-सिंगरौली कॉरिडोरों के लिए डीपीआर तैयार करने वाले सलाहकारों की नियुक्ति की टेंडर प्रक्रिया अभी चल रही है। इसका मतलब है कि इन दोनों मार्गों के लिए विस्तृत सर्वे और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का काम अभी शुरू होना बाकी है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने सभी पांच परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने की मंजूरी दे दी है। यदि ये परियोजनाएं व्यावहारिक पाई जाती हैं, तो उनके लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को समत्व भवन में आयोजित मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 49वीं बैठक में इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़क निर्माण के चल रहे कार्यों में तेजी लाएं और नई 'ग्रीनफील्ड' परियोजनाओं को जल्दी शुरू करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों, कस्बों और शहरों को ऐसी सड़कों से जोड़ना जरूरी है, जिन पर सालभर आवागमन हो सके।
बैठक में लिए गए अन्य फैसलों के तहत, 'हाईवे फंड' का नाम बदलकर 'विकसित मध्य प्रदेश संकल्प पथ' कर दिया गया है। इसके अलावा, खेती में इस्तेमाल होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को निगम की संबंधित टोल योजनाओं के सभी टोल प्लाजा पर शुल्क से छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। जावरा-नयागांव फोरलेन परियोजना में पूरी इक्विटी के विनिवेश की अनुमति भी दी गई।
पृष्ठभूमि
ये परियोजनाएं अभी शुरुआती तैयारी के चरण में हैं और निर्माण शुरू करने की अंतिम मंजूरी के लिए डीपीआर और व्यवहार्यता रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।
स्रोत
यह ख़बर इन 3 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- bhaskarhindi.com — मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ की लागत से बनेंगे पांच ग्रीनफील्ड राजमार्ग, कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार | MP plans five greenfield highways worth Rs 63,296 crore (Photo: @DrMohanYadav51/X)
- punjabkesari.com — मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ की लागत से बनेंगे पांच ग्रीनफील्ड राजमार्ग, कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
- mpbreakingnews.in — MP में 63 हजार करोड़ से 5 नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने की तैयारी, भोपाल से ग्वालियर समेत इन शहरों के बीच…
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

