दिल्ली के चावड़ी बाजार में अवैध मरम्मत के दौरान इमारत ढहने से दो की मौत, MCD ने किए बड़े खुलासे
अजमेरी गेट में मरम्मत के नाम पर अवैध निर्माण के दौरान तीसरी मंजिल का लिंटर ढह गया, जिससे पूरी इमारत नष्ट हो गई। MCD की जांच में सामने आया कि मालिक को पहले से चेतावनी दी गई थी।

दिल्ली के अजमेरी गेट स्थित चावड़ी बाजार इलाके में 5 नवंबर को सुबह करीब 10:30 बजे एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए। MCD की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, गली शीश महल स्थित मकान नंबर 4548 में मरम्मत के बहाने दूसरी और तीसरी मंजिल पर अवैध निर्माण कराया जा रहा था। इसी दौरान तीसरी मंजिल के नए लिंटर की शटरिंग जल्दबाजी में हटा दी गई, जिससे लिंटर गिर गया और पूरी इमारत भरभराकर ढह गई।
MCD की जांच में सामने आया चेतावनी का सच
निगम की जांच टीम ने पाया कि 28 अप्रैल 2026 को ही रखरखाव विभाग ने इमारत की जर्जर हालत को लेकर मालिक समीउल्लाह को एडवाइजरी जारी की थी। इसमें योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर की निगरानी में मरम्मत कराने और सुरक्षा प्रमाणपत्र जमा करने के निर्देश दिए गए थे, साथ ही साफ किया गया था कि इसे दोबारा निर्माण की अनुमति नहीं माना जाए। इसके अलावा, 15 जून 2026 को दिल्ली पुलिस ने भी इस संपत्ति में अनधिकृत निर्माण की जानकारी MCD को दी थी, जिसके बाद निरीक्षण किया गया था।
हालांकि, जांच में पता चला कि मालिक ने इन चेतावनों और बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करते हुए नया निर्माण कराया, जिसके लिए कोई जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में संपत्ति को ग्राउंड प्लस चार मंजिल बताया गया था, जबकि हादसे के समय वह ग्राउंड प्लस तीन मंजिल की थी। इस अंतर को भी निगम ने जांच के दायरे में रखा है।
अधिकारियों का निलंबन और आगे की कार्रवाई
हादसे के बाद MCD ने संबंधित जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को प्रथम दृष्टया लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राहत और बचाव अभियान में MCD के करीब 30 कर्मचारी और मजदूर लगाए गए थे, जबकि दिल्ली अग्निशमन सेवा, पुलिस, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और NDRF की टीमों ने मदद की। अब आसपास की इमारतों का सुरक्षा सर्वे शुरू कर दिया गया है ताकि उनकी संरचनात्मक स्थिति का आकलन किया जा सके। निगम ने इलाके में चल रहे अन्य अवैध निर्माण की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
पृष्ठभूमि
यह हादसा उस समय हुआ जब इमारत की तीसरी मंजिल पर छत डालने का काम चल रहा था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह इमारत अवैध थी और इसे असुरक्षित घोषित किया गया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है और लापरवाह अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
स्रोत
यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- tv9hindi.com — मरम्मत की आड़ में अवैध निर्माण, लिंटर की शटरिंग हटाते ही ढह गई पूरी इमारत... दिल्ली के चावड़ी बाजार हादसे पर MCD का खुलासा
- thecsrjournal.in — चावड़ी बाजार इमारत ढहने से दो इंजीनियर सस्पेंड
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।
