मप्र वन निगम की रिक्त भूमि पर निजी निवेश से होगा वृक्षारोपण
मध्य प्रदेश के वन विकास निगम ने अपनी रिक्त वन भूमि पर निजी निवेश के जरिए वृक्षारोपण करने का प्रस्ताव स्वीकार किया है। इससे रोजगार सृजन और पर्यावरण में सुधार की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश के वन विभाग के अंतर्गत कार्यरत वन विकास निगम ने अपनी रिक्त, असफल रोपण और अतिक्रमित वन भूमि पर निजी निवेश के माध्यम से वृक्षारोपण करने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। यह निर्णय निगम के संचालक मण्डल द्वारा लिया गया है।
केंद्र सरकार के हालिया दिशा-निर्देशों में निजी निवेश से वृक्षारोपण कराने का प्रावधान किया गया है, जिसके पालन में यह कदम उठाया गया है। वर्तमान में लगभग 10,445 हेक्टेयर वन क्षेत्र विभिन्न कारणों से रिक्त हैं, जिनके वृक्षारोपण के लिए निगम के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है।
निगम द्वारा सागौन, चंदन, खमेर, मालाबार नीम और बांस जैसी उच्च आर्थिक मूल्य वाली और तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों का रोपण औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत निजी निवेशकों से चर्चा, टेंडर कॉल और अनुबंध शर्तों के निर्धारण के लिए निगम के प्रबंध संचालक को विशेष अधिकार दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि इस पीपीपी मॉडल से ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, क्षेत्र के पर्यावरण में सुधार होगा और वन विकास निगम को भी आय का स्रोत मिलेगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में भी यह पहल सहायक होगी।
पृष्ठभूमि
केंद्र सरकार ने हाल ही में निजी निवेश के जरिए वृक्षारोपण कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मध्य प्रदेश के वन विकास निगम ने इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपनी आर्थिक संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र के साथ सहयोग का रास्ता अपनाया है।
स्रोत
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- bhaskarhindi.com — Bhopal News: अब पीपीपी मॉडल से वन भूमि पर होगा वृक्षारोपण, प्रस्ताव पास | Afforestation on forest land to be carried out via PPP model; proposal approved
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