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भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट: राज्यों ने सौर ऊर्जा और निवेश को बढ़ाने पर जोर दिया

नई दिल्ली में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो में केंद्र और राज्यों के अधिकारियों ने स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार, सौर पैनलों की योजनाओं और निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।

तस्वीर: punjabkesari.com

नई दिल्ली में 2 नवंबर को आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो में देश के ऊर्जा भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। इस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी, अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल दिनेश शर्मा और उत्तर प्रदेश के मंत्री एके शर्मा ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने नवीकरणीय ऊर्जा को देश के भविष्य की आवश्यकता मानते हुए इसके उत्पादन और उपयोग को बढ़ाने पर बल दिया। इस अवसर पर दिल्ली की बढ़ती बिजली मांग, सोलर पॉलिसी के तहत घरों को मुफ्त पैनल देने की योजना और उत्तर प्रदेश में ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर विशेष जोर दिया गया।

दिल्ली की ऊर्जा मांग और सोलर पॉलिसी की योजनाएं

दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने समिट में बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार दिल्ली में लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस वर्ष दिल्ली में बिजली की मांग 9,000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है, जबकि 2034-35 तक यह संख्या 11,500 मेगावाट तक बढ़ सकती है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए सौर ऊर्जा का महत्व और स्पष्ट हो गया है। सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार की नई सोलर पॉलिसी के तहत लगभग 2 लाख 20 हजार घरों को मुफ्त सोलर पैनल देने की योजना बनाई गई है।

मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार की योजना केवल घरों की छतों तक सीमित नहीं है। उन्होंने 'एग्रोवोल्ट' की अवधारणा का जिक्र करते हुए बताया कि खेती की जमीन पर भी सोलर पैनल लगाए जा सकेंगे, जिनके नीचे खेती जारी रह सकेगी। इसे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक दूरगामी कदम बताया गया।

निवेश और राष्ट्रीय स्तर पर प्रगति

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को प्रेरणादायी बताया, जिसमें देश के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए गए। जोशी ने बताया कि इस समिट में 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और निवेशकों ने हिस्सा लिया है। कार्यक्रम में चार से अधिक मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री और 15 से 16 से अधिक मंत्री शामिल हुए। उन्होंने निवेश से जुड़े सवाल पर कहा कि समिट के दो दिन बाकी हैं, इसलिए अभी निश्चित आंकड़ा बताना संभव नहीं है, लेकिन पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है।

उत्तर प्रदेश के मंत्री एके शर्मा ने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है और देश का कुल उत्पादन 100 गीगावाट से अधिक हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सोलर रूफटॉप कार्यक्रम और बायोगैस क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है। अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल दिनेश शर्मा ने इस समिट को वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में एक अच्छे प्रयास के रूप में तारीफ किया।

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पृष्ठभूमि

भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो एक बड़ा आयोजन है जिसमें तीन अलग-अलग कार्यक्रमों को एक साथ जोड़ा गया है। इस समिट का उद्देश्य देश के अंदर और बाहर से निवेशकों को आकर्षित करना और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के लिए रणनीतियां तय करना है।

स्रोत

यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:

  • punjabkesari.com — भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट में ग्रीन एनर्जी पर मंथन, राज्यों ने दिया सौर ऊर्जा और निवेश पर जोर
  • bhaskarhindi.com — भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट में ग्रीन एनर्जी पर मंथन, राज्यों ने दिया सौर ऊर्जा और निवेश पर जोर | ???? ????????? ?????? ???? ??? ?????? ?? ????? ?? ????, ??? ????? ?? ????? ?? ???

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

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