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सीआरपीएफ ने 47 साल बाद रचा इतिहास: लगातार 12 महीने में एक भी जवान की ऑपरेशनल मौत नहीं

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक जीपी सिंह ने बताया कि आधुनिक तकनीक और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के कारण बल ने पिछले एक साल में ऑपरेशनल मौतों का शून्य का आंकड़ा हासिल किया है।

तस्वीर: punjabkesari.com

नई दिल्ली, 2 नवंबर: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपने 47 वर्षों के इतिहास में एक अनोखी उपलब्धि हासिल की है। बल के महानिदेशक जीपी सिंह ने घोषणा की है कि पिछले लगातार 12 महीनों के दौरान किसी भी ऑपरेशन के दौरान एक भी जवान की जान नहीं गई है। यह रिकॉर्ड आखिरी बार जनवरी 1979 में दर्ज किया गया था, जिसका मतलब है कि 47 साल के बाद यह सुरक्षित दौर दोहराया गया है। महानिदेशक जीपी सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस सामूहिक उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए सभी जवानों को बधाई दी।

महानिदेशक के अनुसार, बल में आखिरी ऑपरेशनल मौत 30 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई थी। इस तारीख के बाद से अब तक किसी भी मुठभेड़ या अभियान के दौरान जवानों की कोई हताहत नहीं हुई है। जीपी सिंह ने लिखा कि सीआरपीएफ के इतिहास में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मोड़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि इसलिए भी कीर्तिमान बनती है क्योंकि इस दौरान बल देश के प्रमुख ऑपरेशनल क्षेत्रों में लगातार तैनात रहा और सक्रिय रूप से अभियान चलाता रहा।

तकनीक और चिकित्सा व्यवस्था का योगदान

इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे कई कारकों का संयोजन काम करता है। महानिदेशक जीपी सिंह ने बताया कि आधुनिक और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। इसके अलावा, जवानों को दिया गया बेहतर प्रशिक्षण और रणनीतिक योजनाओं की सटीकता ने भी इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विशेष रूप से त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम) की प्रशंसा की, जो किसी घटना के बाद तुरंत कार्रवाई करने में सक्षम है।

जीपी सिंह ने चिकित्सा सुविधाओं के संदर्भ में कहा कि घायल जवानों को तेजी से द्वितीय और तृतीय स्तर की चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था इस सफलता का एक प्रमुख कारण रही है। इसका मतलब यह है कि जो जवान पहले घायल होकर जान गवा सकते थे, अब उन्हें समय रहते उचित इलाज मिल रहा है। महानिदेशक ने यह भी उल्लेख किया कि बल देश के सभी नागरिकों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

आत्महत्या के मामलों की चुनौती

हालांकि ऑपरेशनल मोर्चे पर यह खबर सकारात्मक है, लेकिन सीआरपीएफ को अपने जवानों के बीच बढ़ रही आत्महत्या की घटनाओं की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। आधिकारिक तौर पर आत्महत्या के मामलों को ऑपरेशनल मौतों की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता है, इसलिए यह ऊपर बताए गए शून्य मौतों के आंकड़े में शामिल नहीं हैं। हाल ही में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।

एनएचआरसी ने एक मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जिसमें दावा किया गया कि जनवरी से मई 2026 के बीच पांच महीने से भी कम समय में सीआरपीएफ के 19 जवानों ने आत्महत्या की। रिपोर्ट में सीआरपीएफ के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि वर्ष 2025 में आत्महत्या के कारण बल के 59 जवानों की मौत हुई थी, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक आंकड़ा है। अगस्त में आयोग ने टिप्पणी की थी कि यदि यह जानकारी सही है, तो यह देश के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में कार्यरत जवानों के जीवन के अधिकार से जुड़े गंभीर सवाल उठाती है। इसी कारण आयोग ने गृह मंत्रालय के गृह सचिव और सीआरपीएफ महानिदेशक को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।

11 अगस्त को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में सीआरपीएफ के कुल 281 जवानों ने आत्महत्या की। इनमें से लगभग 216 जवान ड्यूटी पर तैनात थे। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में 57, 2022 में 43, 2023 में 57, 2024 में 46 और 2025 में 59 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए थे। इस संदर्भ में ऑपरेशनल मौतों का शून्य रहना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, हालांकि जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता बनी रहती है।

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पृष्ठभूमि

सीआरपीएफ भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। पिछले कुछ वर्षों में बल के जवानों के बीच मानसिक तनाव और आत्महत्या के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी ध्यान दिया है। इसी बीच, ऑपरेशनल सुरक्षा के मामले में बल ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

स्रोत

यह ख़बर इन 3 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:

  • punjabkesari.com — 47 साल बाद सीआरपीएफ ने दोहराया रिकॉर्ड, 12 महीने में किसी भी जवान की ऑपरेशनल मौत नहीं
  • bhaskarhindi.com — 47 साल बाद सीआरपीएफ ने दोहराया रिकॉर्ड, 12 महीने में किसी भी जवान की ऑपरेशनल मौत नहीं | CRPF DG hails record zero operational fatalities in last 12 months (Photo: @gpsinghips/X)
  • hindi.news18.com — CRPF के 47 साल में पहली बार 12 महीनों में जीरो कैजुअल्टी, कैसे हुआ यह चमत्कार?

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

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