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भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी ने 500 गीगावाट लक्ष्य और नवाचार पर जोर दिया

नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने भारत की स्वच्छ ऊर्जा में प्रगति का वर्णन किया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए आग्रह किया।

तस्वीर: punjabkesari.com

नई दिल्ली के भारत मंडपम में सोमवार को 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो' का आयोजन हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अक्षय ऊर्जा यात्रा की समीक्षा करते हुए कहा कि भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता हासिल करने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्प बनाया है। उन्होंने बताया कि पेरिस समझौते के तहत स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य, जो मूल रूप से 2030 के लिए था, भारत ने 2025 में ही अर्थात पांच साल पहले हासिल कर लिया है।

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में वादों और प्रदर्शन से भरी यात्रा तय की है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को कोरोना महामारी और वेस्ट एशिया संकट जैसे अभूतपूर्व संकटों का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत ने स्वच्छ ऊर्जा में निवेश करके इन चुनौतियों को बेहतर तरीके से संभाला है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर देश ने क्लीन एनर्जी में निवेश नहीं किया होता, तो संकट बाकी दुनिया की तुलना में कहीं अधिक गंभीर होता।

नवाचार और किसानों को ऊर्जादाता बनाने का विजन

समिति के दौरान प्रधानमंत्री ने नवाचार (Innovation) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सौर क्रांति का यह नया दौर केवल अपनाने (Adoption) का नहीं, बल्कि नवाचार पर भी निर्भर है। उन्होंने देश के स्टार्टअप्स, आईआईटी, नवाचारियों और उद्यमियों से आग्रह किया कि वे ऐसे मॉडल बनाएं जहां एक परिवार की अधिकतम ज़रूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हों। पीएम मोदी ने अपना विजन साझा करते हुए कहा कि अन्नदाता ऊर्जादाता बनें, जिसके लिए खाली जमीन पर किसानों को सोलर पैनल लगाने का प्रोत्साहन दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' की प्रगति पर भी प्रकाश डाला। फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना के तहत एक करोड़ घरों में रूफ टॉप सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि बीते 24-25 महीनों में 65 लाख से अधिक घर इस अभियान से जुड़ चुके हैं। इसके अलावा, 'पीएम कुसुम' योजना के जरिए 30 लाख से अधिक किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे किसानों को सालाना लगभग एक लाख रुपये की बचत की उम्मीद है।

सम्मेलन में विदेशी मेहमानों ने भी भारत की प्रगति की सराहना की। डच उद्यमी पीटर हैक ने भारत में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में होने वाली वास्तविक प्रगति की तारीफ की और कहा कि भारत निवेश के लिए एक बेहतरीन जगह है। उन्होंने अपनी कंपनी की नई तकनीक के बारे में बताया, जो मीठे और खारे पानी के बीच की ऊर्जा का उपयोग करके बिजली पैदा करती है, और भारत में एक बड़े पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहे हैं। गुयाना के उच्चायुक्त धरमकुमार सिराज ने कहा कि भारत के पास विश्व स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा में नेतृत्व करने की बड़ी क्षमता है।

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पृष्ठभूमि

भारत ने COP26 में 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता हासिल करने का संकल्प लिया था। इस शिखर सम्मेलन के दौरान इंटरनेशनल सोलर अलायंस की 9वीं असेंबली भी आयोजित हो रही है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा के लिए सहयोग बढ़ाना है।

स्रोत

यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:

  • punjabkesari.com — भारत की अक्षय ऊर्जा क्रांति को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना, मेहमानों ने की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता की सराहना
  • mpbreakingnews.in — PM Modi बोले- सौर क्रांति का ये नया दौर केवल Adoption का नहीं, Innovation पर भी निर्भर

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

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