ईपीएफओ ने शुरू की वाट्सएप सेवा: अब मोबाइल पर मिलेगा पीएफ बैलेंस और पासबुक
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने ईपीएफओ की नई वाट्सएप सेवा का उद्घाटन किया, जिससे सदस्य अब अपने भविष्य निधि खाते की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे।

नौकरीपेशा वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा शुरू कर दी गई है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की नई वाट्सएप सेवा का उद्घाटन किया। इस पहल के माध्यम से सदस्यों को अब अपने पीएफ खाते की जानकारी के लिए कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सेवा ईपीएफओ की 74वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य सदस्यों के लिए रोजमर्रा की वित्तीय सेवाओं को सरल बनाना है।
सेवा का उपयोग कैसे करें
सदस्य ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्रीय कार्यालय के सत्यापित वाट्सएप हेल्पलाइन नंबर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस नंबर को वाट्सएप पर खोलकर 'हैलो' संदेश भेजने के बाद बातचीत शुरू हो जाती है। इसके बाद उपलब्ध विकल्पों के आधार पर सदस्य अपने खाते का बैलेंस, पिछले पांच लेनदेन और पासबुक का पूरा ब्योरा देख सकते हैं। श्रम मंत्रालय के अनुसार, इस सेवा के जरिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) से जुड़ी औपचारिकताओं के लिए भी व्यक्तिगत मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
निष्क्रिय खातों का स्वत: निपटान
उद्घाटन समारोह के दौरान मंत्री मांडविया ने एक और महत्वपूर्ण सुविधा भी शुरू की। इसके तहत, आधार से सत्यापित उन निष्क्रिय पीएफ खातों का स्वत: निपटान किया जाएगा जिनमें एक हजार रुपये तक की राशि जमा है। ऐसे सदस्यों को अलग से दावा दाखिल करने की ज़रूरत नहीं होगी। पहचान और बैंक खाते का सत्यापन पूरा होने के बाद ईपीएफओ खुद निपटान की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, इससे करीब एक लाख खातों में जमा कुल पांच करोड़ रुपये संबंधित लाभार्थियों तक पहुंचेंगे।
तकनीकी सुधारों के संदर्भ में मंत्रालय ने बताया कि अक्टूबर 2026 में दावों के निपटान का औसत समय घटकर 2.57 दिन रह गया है। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में वाट्सएप सेवा की पूरी सूची या पात्रता के विस्तृत मानदंडों का उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे सदस्यों को प्रारंभिक चरण में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
पृष्ठभूमि
ईपीएफओ के पास आठ करोड़ से अधिक सदस्यों के योगदान से करीब 32 लाख करोड़ रुपये का कोष है। यह नई डिजिटल सेवा डिजिटल इंडिया के लक्ष्य की ओर एक कदम है, जिससे नौकरीपेशा लोगों को अपने वित्तीय मामलों को संभालने में सहूलियत होगी।
स्रोत
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- thecsrjournal.in — पीएफ बैलेंस और पासबुक अब वाट्सएप पर
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


