दिल्ली मेट्रो में खालिस्तान समर्थक नारे, एक महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशनों पर नारे लिखने के मामले में तीन लोगों को पकड़ा है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।

दिल्ली के दो प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) और खालिस्तान के समर्थन में नारे लिखे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के पानीपत निवासी सुमीत उर्फ रफ्तार (30), पंजाब के गुरदासपुर निवासी सुमित कुमार उर्फ काका (22) और पंजाब के होशियारपुर निवासी गुरप्रीत (22) के रूप में की गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास फर्श पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिले थे। इसके अगले दिन, 30 अक्टूबर को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 की सीढ़ियों की अंदरूनी दीवार पर भी इसी तरह के नारे लिखे मिले। इन नारों में SFJ और खालिस्तान का खुलकर समर्थन किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज ने तुरंत जांच शुरू की।
तकनीकी जांच से हुई पहचान
स्पेशल सेल की टीम ने CCTV फुटेज खंगालने और तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी 28 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि सुमित कुमार उर्फ काका इस साजिश का मुख्य सूत्रधार था। वह पंजाब में SFJ और खालिस्तान समर्थक विचारधारा से जुड़े लोगों के संपर्क में आया था। एक सहयोगी ने उसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा था। इसके बाद इस ऐप के जरिए SFJ से जुड़े एक शख्स ने उसे मेट्रो स्टेशनों पर लिखे जाने वाले नारों के डिजाइन भेजे और इसके बदले मोटी रकम देने का लालच दिया।
पुलिस के अनुसार, सुमित ने अपने परिचित सुमीत उर्फ रफ्तार और गुरप्रीत को भी इस काम में शामिल कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि सुमित ने गुरप्रीत को दिल्ली में शॉपिंग कराने के बहाने बुलाया था, जबकि वास्तव में उसे मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखने की योजना के बारे में बताया गया था। सुमित और गुरप्रीत करीब चार साल से एक-दूसरे को जानते थे और साथ रह रहे थे।
वीडियो बनाकर हैंडलर को भेजा
पुलिस के अनुसार, सुमीत उर्फ रफ्तार ने जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखे और इसका वीडियो बनाकर अपने हैंडलर्स को भेज दिया। वहीं, सुमित कुमार उर्फ काका और गुरप्रीत ने शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखे। पूछताछ में तीनों ने दोनों मेट्रो स्टेशनों पर नारे लिखने की बात कबूल की है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सुमित ने 30 अक्टूबर को समयपुर बादली थाना क्षेत्र में GTK बाईपास के पास भी खालिस्तान समर्थक नारे लिखे थे। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है। डीसीपी नारा चैतन्य ने बताया कि आरोपियों को एसीपी राहुल कुमार सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर अनुकूल पंवार और परवीन कुमार के नेतृत्व की टीम ने पकड़ा है।
स्पेशल सेल अब इस मामले में आरोपियों के हैंडलर्स और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस काम के लिए आरोपियों को कितनी रकम देने का वादा किया गया था और इस साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
पृष्ठभूमि
सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) एक ऐसा संगठन है जिसे भारत सरकार ने खालिस्तान समर्थक गतिविधियों के चलते प्रतिबंधित किया हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अक्सर इसी तरह की साजिशों को रोकने के लिए तकनीकी जांच का सहारा लेती है।
स्रोत
यह ख़बर इन 3 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- tv9hindi.com — दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे, 3 गिरफ्तार, एक महिला भी शामिल
- punjabkesari.com — दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे, एक महिला समेत तीन पकड़े
- bhaskarhindi.com — दिल्ली पुलिस ने अपहरणकर्ता को गिरफ्तार करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद किया | ?????? ????? ?? ?????????? ?? ???????? ???? ??? ????? ?? ????? ????? ????
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


