यूपी विधानसभा चुनाव 2027: देवरिया की सातों सीटों पर 2022 में भाजपा का क्लीन स्वीप
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में देवरिया जिले की सभी सात सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी, जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली।

आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच, 2022 के चुनावों का नतीजा देवरिया जिले के लिए निर्णायक साबित हुआ था। उस समय भाजपा ने जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर अपना वर्चस्व कायम रखा था। जिले की रुद्रपुर, देवरिया, पथरदेवा, रामपुर कारखाना, भाटपार रानी, सलेमपुर और बरहज सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी, जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस को कोई भी सीट नहीं मिल सकी।
प्रमुख सीटों पर वोटों का अंतर
देवरिया सदर सीट पर भाजपा के शलभ मणि त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को 40,655 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया था। पत्रकारिता से राजनीति में कदम रखने वाले त्रिपाठी की यह जीत क्षेत्र में बड़ी चर्चा का विषय बनी थी। जिले की वीआईपी सीट माने जाने वाली पथरदेवा पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 93,858 वोट प्राप्त करके सपा के ब्रह्मशंकर त्रिपाठी को 28,681 वोटों के अंतर से हराया था।
रुद्रपुर सीट पर भाजपा के जयप्रकाश निषाद ने 78,187 वोट हासिल करके सपा के रामभुआल निषाद को 41,936 वोटों के अंतर से पराजित किया था। इस सीट पर कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। रामपुर कारखाना सीट पर सुरेंद्र चौरसिया की जीत 14,670 वोटों के अंतर से हुई थी, जिसे जिले की सबसे करीबी लड़ाइयों में से एक माना गया।
सामुदायिक गतिशीलता और राजनीतिक प्रभाव
देवरिया की राजनीति में विभिन्न समुदायों के मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। रुद्रपुर में निषाद समुदाय, पथरदेवा और देवरिया सदर में ब्राह्मण मतदाता, भाटपार रानी में कुशवाहा और ओबीसी वोट बैंक, तथा सलेमपुर में दलित मतदाताओं का प्रभाव निर्णायक माना जाता है। भाटपार रानी सीट पर भाजपा की सभाकुंवर कुशवाहा ने सपा के मजबूत उम्मीदवार को 18,082 वोटों से हराया था।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सलेमपुर सीट पर विजय लक्ष्मी गौतम ने 16,608 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। वहीं, बरहज सीट पर दीपक कुमार मिश्रा ने 16,861 वोटों से जीत हासिल की थी, जहाँ लंबे समय से सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलता रहा है। कुल मिलाकर, 2022 का चुनाव देवरिया में भाजपा के लिए एकतरफा रहा, जिसमें पथरदेवा, देवरिया सदर और रुद्रपुर में उनके उम्मीदवारों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय था।
पृष्ठभूमि
देवरिया जिले की राजनीति में ब्राह्मण, राजभर, निषाद, यादव, कुशवाहा, दलित और मुस्लिम मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रुद्रपुर में निषाद समुदाय का प्रभाव, पथरदेवा और देवरिया सदर में ब्राह्मण मतदाताओं की निर्णायक भूमिका, भाटपार रानी में कुशवाहा-ओबीसी वोट बैंक और सलेमपुर में दलित मतदाताओं का प्रभाव क्षेत्र की राजनीतिक गतिशीलता को प्रभावित करता है।
स्रोत
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