विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड खरीदारी से भारतीय शेयर बाजार में आई जबरदस्त तेजी
अमेरिकी चुनाव परिणामों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में साढ़े छह साल का सबसे बड़ा निवेश किया, जिससे सेंसेक्स में 2,000 अंकों से अधिक की छलांग आई।

भारतीय शेयर बाजार में 5 नवंबर को ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली, जिसके पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी खरीदारी का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस दिन सेंसेक्स 2,009 अंकों के उछाल के साथ 79,310 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 576 अंक चढ़कर 24,537 पर बंद हुआ। यह तेजी 8 अप्रैल के बाद सबसे ऊंचे स्तर का संकेत देती है। इस उछाल से निवेशकों की पूंजी में एक ही दिन में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई और सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 500 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों ने 5 नवंबर को बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों पर मिलाकर 14,974 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। यह आंकड़ा 6 मई 2020 को हुई 17,123 करोड़ रुपये की खरीदारी के बाद सबसे बड़ा है। इससे पहले 20 सितंबर 2024 को भी विदेशी निवेशकों ने एक दिन में 14,064 करोड़ रुपये का निवेश किया था। हालांकि, इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 10,444 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की, लेकिन बाजार में विदेशी पूंजी के प्रवाह ने तेजी को बनाए रखा।
वैश्विक कारक और बाजार पर असर
शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों के परिणाम भी महत्वपूर्ण रहे। रिपब्लिकन पार्टी की हार और डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद वैश्विक बाजारों में जोखिम घटाने की प्रवृत्ति दिखी, जिससे भारतीय बाजार को फायदा हुआ। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के समाधान की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आई। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 93.61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 86.98 डॉलर पर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में इस हफ्दे लगभग 16% की कमी भारत के लिए सकारात्मक मानी जा रही है, क्योंकि देश अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार ने कहा कि "अर्थव्यवस्था के लिए अनुकूल परिस्थितियां मजबूत हो रही हैं और बाजार में यह तेजी जारी रहने की उम्मीद है।" इसी के साथ, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट आई, जिससे निवेशकों के लिए शेयर बाजार अधिक आकर्षक हो गया।
भारतीय रुपया भी दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जो 94.35 पर बंद हुआ। LKP सिक्योरिटीज के एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी का मानना है कि विदेशी फंड के लगातार आने और डॉलर के कमजोर बने रहने से रुपये को और सहारा मिल सकता है। वैश्विक स्तर पर, अमेरिकी शेयर बाजार भी बुधवार को भारी बढ़त के साथ बंद हुए, जिसमें डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 3.03% उछला। इन सभी कारकों के मिलजुल कर भारतीय बाजार को मजबूती मिली है।
पृष्ठभूमि
भारतीय शेयर बाजार पिछले कुछ समय से वैश्विक अस्थिरता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण दबाव में था। 5 नवंबर की तेजी इसी रुझान में बदलाव का संकेत देती है, जहां विदेशी पूंजी का प्रवाह फिर से शुरू हुआ है।
स्रोत
यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- hindi.news18.com — शेयर बाजार में धनतेरस पर ही हो सकती है दिवाली, 7 समंदर पार से आया शुभ संकेत
- prabhatkhabar.com — Why Stock Market Rise: शेयर बाजार में क्यों आया अचानक उछाल, 3 वजह
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


