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IMF ने सुपर अल नीनो के भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को लेकर जताई चिंता

IMF ने चेतावनी दी है कि सुपर अल नीनो से कृषि उत्पादन में गिरावट और खाद्य महंगाई बढ़ने का खतरा है, जिससे घरेलू मांग प्रभावित हो सकती है। हालांकि, संस्था ने अभी GDP अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है।

तस्वीर: hindi.webdunia.com

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हाल ही में सुपर अल नीनो मौसमी घटना के भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। संस्था के अनुसार, यदि इस मौसमी बदलाव के कारण कृषि उत्पादन में गिरावट आती है और खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे भारतीय परिवारों की खरीदारी करने की क्षमता कमजोर हो सकती है। हालांकि, IMF ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ये जोखिम वास्तविक रूप में सामने नहीं आए हैं और संस्था मौसम से जुड़े इन जोखिमों पर नजर रखी जा रही है।

मौसमी जोखिम और आर्थिक अनुमान

सुपर अल नीनो एक ऐसी मौसमी स्थिति है जिसमें प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है। इससे बारिश, सूखे और तापमान के पैटर्न में बदलाव आता है, जिसका असर सीधे तौर पर कृषि उपज और खाद्य कीमतों पर पड़ता है। भारत के संदर्भ में IMF ने दो प्रमुख जोखिमों की संभावना बताई है: फसल उत्पादन में गिरावट और खाद्य महंगाई में बढ़ोतरी। यदि खाद्य आपूर्ति घटती है, तो कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों पर अधिक खर्च करना पड़ेगा, जिससे उनकी वास्तविक खरीद क्षमता घट सकती है।

हालांकि, IMF ने इसी महीने बैंकॉक में जारी अपनी ताजा वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28, दोनों के लिए 7 प्रतिशत कर दिया था। इससे पहले जुलाई में संस्था ने 2026-27 के लिए 6.4 प्रतिशत और 2027-28 के लिए 6.7 प्रतिशत का अनुमान लगाया था। विकास दर के अनुमान में इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह भारत में मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र में जारी अच्छी गतिविधियां हैं। IMF का मानना है कि भारत वैश्विक आर्थिक विकास को गति देने वाले प्रमुख देशों में से एक बना हुआ है।

संस्था ने अभी तक अपने विकास दर के अनुमान में सुपर अल नीनो के किसी वास्तविक नकारात्मक प्रभाव को शामिल नहीं किया है। अगला आकलन जनवरी में जारी होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट में किया जाएगा। यदि मौसम संबंधी जोखिम वास्तविक आर्थिक असर डालते हैं, तो उस समय भारत की GDP ग्रोथ के अनुमान में बदलाव किया जा सकता है। फिलहाल, घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की मजबूती के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास संभावनाओं को मजबूत माना जा रहा है।

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पृष्ठभूमि

IMF ने इसी महीने बैंकॉक में अपनी ताजा वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें भारत की आर्थिक मजबूती को रेखांकित किया गया था। संस्था ने जुलाई में दिए गए अनुमानों के मुकाबले विकास दर के अनुमानों में सुधार किया है, जो मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की प्रदर्शन के परिणामस्वरूप है।

स्रोत

यह ख़बर इस स्रोत के आधार पर तैयार की गई है:

  • hindi.webdunia.com — सुपर अल नीनो से कैसे बढ़ सकती है महंगाई? भारत की GDP ग्रोथ पर क्या होगा असर? IMF ने क्या दी चेतावनी

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

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