मुंबई पुलिस ने 72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के 255 मामलों का किया पर्दाफाश
मुंबई पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह को पकड़ा है जिससे 255 अपराधों का खुलासा हुआ। जांच में 72 करोड़ रुपये की ठगी की रकम का पता चला और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

मुंबई पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस को देशभर में दर्ज 255 साइबर अपराधों का खुलासा करने में सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच की शुरुआत और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 30 जुलाई को हुई जब मुलुंड स्थित एक निजी कंपनी के अकाउंटेंट को व्हाट्सएप पर कंपनी मालिक की फोटो डीपी लगाकर एक अनजान व्यक्ति ने मैसेज किया। उसने कंपनी के खाते से 10 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। मुलुंड पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी)(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया। तकनीकी विश्लेषण के दौरान पता चला कि ठगी की रकम में से 5.50 लाख रुपये उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित एक बैंक खाते में जमा हुए थे। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने मेरठ से तीन आरोपियों को पकड़ा।
पूछताछ के बाद पुलिस ने गाजियाबाद, वडोदरा और मुंबई के कांदिवली से एक-एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इनसे 5.50 लाख रुपये नकद और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
ठगी की रकम और तरीका
आगे की जांच में सामने आया कि एक आरोपी के मोबाइल से मिले 11 बैंक खातों पर देश के 21 राज्यों में 182 साइबर शिकायतें दर्ज हैं, जबकि दूसरे आरोपी के 49 खातों पर 73 शिकायतें मिली हैं। इन सभी शिकायतों में कुल ठगी की रकम लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के जरिए बैंक खाते और सिम कार्ड की खरीद-फरोख्त करते थे। वे लोगों के मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल करवाकर उनके खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगवाने के लिए करते थे। बाद में रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर नकद निकाला जाता था और उसे यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी में बदल दिया जाता था।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवन भारती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में वरिष्ठ निरीक्षक संतोष घाटेकर के नेतृत्व में की गई। इसमें उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान पुलिस ने भी सहयोग किया है।
पृष्ठभूमि
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान जनता से अपील की है कि वे कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी को न दें। साथ ही अनजान व्यक्ति की भेजी एपीके फाइल इंस्टॉल नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
स्रोत
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