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राजनीति · दिल्ली

सोहा अली खान के फतवे पर भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने उठाए सवाल

भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने अभिनेत्री सोहा अली खान के खिलाफ जारी फतवे को गलत बताया और कहा कि धार्मिक स्थलों पर जाने से सामाजिक समरसता बढ़ती है। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर भी सवाल उठाए।

तस्वीर: bhaskarhindi.com

नई दिल्ली में 29 अक्टूबर को भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने अभिनेत्री सोहा अली खान के खिलाफ जारी किए गए फतवे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने संबंधित मौलवी पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को धार्मिक स्थलों पर जाने का पूर्ण अधिकार है। जिलानी का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति सामाजिक समरसता और भाईचारे के उद्देश्य से दूसरे धर्म के स्थल पर जाता है, तो इसे भारतीय संस्कृति की एक अच्छी मिसाल के रूप में देखा जाना चाहिए।

जिलानी ने उन लोगों पर निशाना साधा जो खुद को समाज का ठेकेदार समझने लगते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कुछ तथाकथित मौलानाओं पर आरोप लगाया कि वे उन लोगों के बारे में टिप्पणी करते हैं जिनके जीवन, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अभिनेत्री सारा अली खान भी बाबा के दर्शन के लिए गई थीं और केदारनाथ में उनकी फिल्म की शूटिंग भी पहले हो चुकी है।

फतवा जारी करने वालों पर सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह फतवा जारी करने से फतवा देने वालों के अपने आचरण पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मौलानाओं को सलाह दी कि वे पहले अपने व्यवहार और समाज के भीतर मौजूद समस्याओं पर ध्यान दें। जिलानी ने कहा कि यदि इनके पास इतनी ताकत है, तो उन्हें चोरी, डकैती, दुष्कर्म और सूद के पैसे से जुड़े मामलों के खिलाफ भी फतवे जारी करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मौलाना इस तरह के फतवों के जरिए राजनीति करते हैं।

इसके अलावा, जिलानी ने दिल्ली में 1 नवंबर को कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान इतनी बड़ी रैली आयोजित होने से यातायात और व्यापारिक गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ सकता है। रैली स्थल के पांच किलोमीटर के दायरे में आठ बड़े थोक बाजार और कई छोटी गलियों में बाजार मौजूद हैं, जहां धनतेरस और दिवाली के मौके पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।

जिलानी ने कांग्रेस नेताओं के दावे पर सवाल उठाया कि दस लाख से अधिक लोग रैली में शामिल होंगे। उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी भीड़ के आने से यातायात व्यवस्था कैसे संचालित होगी, खासकर नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर जहां यात्रियों की संख्या पहले से ही अधिक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को बैरिकेड लगाने और सड़कों को बंद करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं, जिससे आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी होगी। अंत में, उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन जनता अपने वोट की ताकत से करती है, न कि ऐसी रैलियों से।

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पृष्ठभूमि

यह बयान तब आया है जब अभिनेत्री सोहा अली खान के खिलाफ कुछ धार्मिक गुरुओं द्वारा फतवा जारी किया गया था। साथ ही, दिल्ली में 1 नवंबर को कांग्रेस की एक बड़ी रैली का आयोजन होने जा रहा है, जो दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहारों के बीच होने से यातायात प्रबंधन की चुनौतियां खड़ी कर रही है।

स्रोत

यह ख़बर इस स्रोत के आधार पर तैयार की गई है:

  • bhaskarhindi.com — सोहा अली खान को फतवा देना गलत, धार्मिक स्थल पर जाना भाईचारे की मिसाल यासिर जिलानी | ???? ??? ??? ?? ???? ???? ???, ??????? ???? ?? ???? ??????? ?? ?????: ????? ??????

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

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