रविवार, 1 नवंबर 2026 हमारे बारे मेंRSSहिंदीEnglishEspañol中文عربي
फ़ेलो समाचार

देश-दुनिया की ख़बरें, कई स्रोतों से, एक जगह

राजनीति · बिहार

नीतीश कुमार के दिल्ली में अज्ञातवास, जदयू में गुटबाजी और भाजपा की नई रणनीति

सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार दिल्ली में निगरानी में हैं और जदयू में विघटन का खतरा मंडरा रहा है। इस बीच भाजपा ने महाराष्ट्र के फड़णवीस को दिल्ली बुलाया है और दो मुख्यमंत्रियों के विदेशी दौरे रद्द किए हैं।

तस्वीर: punjabkesari.com

सियासी गलियारों में बह रही अफवाहों और विश्वस्त सूत्रों की मानें तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों दिल्ली में एक तरह के अज्ञातवास में हैं। ख़बरों के मुताबिक, उनके स्वास्थ्य की भरपूर निगरानी की जा रही है और उनकी सुख-सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है, हालांकि बाहरी लोगों से उनकी मुलाक़ातें पूरी तरह बंद हैं। इस स्थिति का मुख्य कारण जदयू के भीतर गहराते गुटबाजी का दंश माना जा रहा है, जहाँ पार्टी के दो प्रमुख नेता अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि संगठन पर विघटन का खतरा मंडराने लगा है।

सूत्रों की जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन उन्हें अभी तक यह अवसर नहीं मिला। इस असहमति के बाद नीतीश ने दिल्ली के एक वरिष्ठ पत्रकार को एक वॉयस नोट भेजा, जिसमें उन्होंने अपनी व्यथा जताई। नोट में बताया गया कि जब उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया गया था, तब वायदा किया गया था कि उन्हें केंद्र में एक अहम मंत्रालय दिया जाएगा, जो आज तक नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पुत्र निशांत को राजनीति में लाने या मंत्री बनाने की इच्छा उनकी नहीं थी, बल्कि यह फैसला भाजपा की इच्छा पर हुआ है।

इस वॉयस नोट की जानकारी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह तक पहुंची, जिनके माध्यम से भाजपा के शीर्ष स्तर से संपर्क साधा गया। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के बड़े नेताओं ने ललन सिंह को आश्वासन दिया है कि दीपावली से पहले नीतीश कुमार से मिलने का इंतज़ाम किया जाएगा और अगले केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल में उनके मनोभावों को ध्यान में रखा जाएगा। 5 नवंबर को आहूत जदयू की बैठक में इस तनाव का असर देखने को मिल सकता है।

महाराष्ट्र और संघ की अमेरिका पंजीकरण

महाराष्ट्र की राजनीति में भी बड़े बदलाव की संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस को दिल्ली आने और केंद्रनीत सरकार में मंत्री बनने का ऑफर दिया है। पुराने दिनों में फड़णवीस ने इससे मना कर दिया था, लेकिन इस बार दिल्ली का रुख कड़ा दिख रहा है। उन्हें कहा गया है कि दिल्ली आने पर उन्हें मनमाफिक मंत्रालय दिया जा सकता है। हालांकि, शिवसेना के एकनाथ शिंदे की निगाहें फड़णवीस की कुर्सी पर जमी हैं, और भाजपा अपने पिटारे से रवींद्र चव्हाण के नाम को उभार सकती है, जो महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और डोम्बिवली के विधायक हैं।

इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अमेरिका में 'आरएसएस फ्रेंड्स' के नाम से पंजीकरण कराया है। यह पंजीकरण 'फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेषन एक्ट' (फारा) के तहत अमेरिकी न्याय विभाग में 27 अगस्त 2026 को किया गया। यह पंजीकरण संघ प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क यात्रा से ठीक दो दिन पहले हुआ। दस्तावेजों में संघ के स्थानीय पता जार्जिया के पीएच ट्री कॉनर्स को दर्ज किया गया है, जबकि नई दिल्ली के झंडेवालान स्थित मुख्यालय को 'फॉरेन प्रिंसिपल' के तौर पर दर्ज किया गया है। हालांकि, संघ ने स्पष्ट किया है कि इस पंजीकरण के लिए उनके साथ कोई परामर्श या एजेंसी समझौता नहीं हुआ है।

केंद्रीय कैबिनेट में सीआर पाटिल और अश्विनी वैष्णव की भूमिका को अब अधिक महत्व दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी अपने अहम राजनीतिक निर्णयों में पाटिल की राय ले रहे हैं और उन्हें पंजाब व उत्तराखंड जैसे चुनावी राज्यों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। वैष्णव भी अब नीतिगत फैसलों पर मंथन करके सीधे प्रधानमंत्री को जानकारी देते हैं।

शरद पवार परिवार भी अब दो गठबंधनों में बने रहने के प्रयोग से परेशान है। सुप्रिया सूले ने मराठी साहित्यकारों से मिलते हुए स्पष्ट किया कि जब वे पीएम मोदी से मिलीं, तब उनके पार्टी पर टूट का खतरा था, लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं और वे विपक्ष के हाथ मजबूत करना चाहती हैं। अंत में, भाजपा शीर्ष ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और ओडिशा के मोहन मांझी के विदेशी दौरे रद्द कर दिए हैं, उन्हें डांटते हुए कहा गया कि वे अपने प्रदेशों पर ध्यान दें।

विज्ञापन

पृष्ठभूमि

यह ख़बर भारतीय राजनीति के वर्तमान गतिशीलताओं को दर्शाती है, जहाँ जदयू के भीतर विभाजन, महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा गठबंधन के भविष्य की अनिश्चितता, और केंद्र में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं प्रमुख हैं। आरएसएस का अमेरिका में पंजीकरण भी एक नया मोड़ है जो संघ की वैश्विक रणनीति से जुड़ा है।

स्रोत

यह ख़बर इस स्रोत के आधार पर तैयार की गई है:

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

नीतीश कुमारजदयूभाजपादेवेंद्र फड़णवीसआरएसएसराजनीति