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दिल्ली में गैर-BS6 वाहनों पर प्रतिबंध, निर्माण कार्य रोकेंगे; 'पवन' केंद्र से होगी निगरानी

वायु प्रदूषण बढ़ने पर दिल्ली-एनसीआर में गैर-BS6 वाहनों के प्रवेश पर रोक लग गई है। साथ ही 5 से 20 नवंबर तक निर्माण कार्य रोकने और आधुनिक 'पवन' केंद्र के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था शुरू की गई है।

तस्वीर: tv9hindi.com

दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। 31 अक्टूबर से दिल्ली में बाहर के राज्यों में पंजीकृत गैर-BS6 मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस नए नियम के तहत केवल BS6 मानक वाले वाहनों, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही दिल्ली में आने की अनुमति होगी। इसके अलावा यात्री बसों और भारी मालवाहक ट्रकों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लागू की गई हैं।

प्रदूषण नियंत्रण के इस नए प्रयास का हिस्सा बनते हुए, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 5 से 20 नवंबर की अवधि के लिए एनसीआर में सभी निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों को रोकने की घोषणा की है। साथ ही, दिल्ली-एनसीआर के सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ को ऑफिस में काम करने और शेष 50 प्रतिशत को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की सलाह दी गई है।

'पवन' केंद्र से होगी लाइव निगरानी

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रदूषण फैलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई के लिए 'पवन-आई3सी' नामक एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र विकसित किया है। इस मंच पर 30 से अधिक डिजिटल डेटा स्रोतों को जोड़ा गया है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर के 111 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों, 2,300 से अधिक उद्योगों और 3,200 से अधिक सक्रिय निर्माण स्थलों की जानकारी शामिल है। मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस केंद्र की समीक्षा करते हुए कहा कि यह प्रणाली पराली की आग, प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक चिमनी या बिना ढके निर्माण स्थलों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई में मदद करेगी।

यूपी के गौतमबुद्धनगर (नोएडा) ट्रैफिक पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी कर वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस-वे शामिल हैं। साथ ही, 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर भी सख्ती बरती जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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पृष्ठभूमि

दिल्ली-एनसीआर में शीतकालीन प्रदूषण की समस्या हर साल गंभीर होती है। इस बार सरकार ने प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई के बजाय, तकनीकी निगरानी और कड़े प्रतिबंधों के जरिए प्रदूषण को रोकने का प्रयास किया है। 'पवन' प्लेटफॉर्म का उद्देश्य वायु गुणवत्ता के डेटा को वास्तविक समय में विश्लेषित कर संबंधित एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई के लिए अलर्ट करना है।

स्रोत

यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:

  • tv9hindi.com — दिल्ली में आज से गैर BS6 गाड़ियों की नो एंट्री, पार्किंग फीस डबल; निगरानी के लिए कई टीमें तैनात
  • punjabkesari.com — प्रदूषण फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई के लिए ‘पवन’ से होगी निगरानी

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

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