मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओरछा और चित्रकूट में दीपावली से पहले पूजा-अर्चना की
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दीपावली के आठ दिन पहले ओरछा और चित्रकूट धाम का दौरा किया, जहां उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया और स्थानीय विकास पर चर्चा की।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 नवंबर, 2026 को, यानी दीपावली पर्व से एक दिन पहले, राज्य की दो प्रमुख धार्मिक नगरी ओरछा और चित्रकूट धाम का दौरा किया। इस यात्रा का उद्देश्य भगवान श्री राम से जुड़े इन पवित्र स्थलों पर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेना और स्थानीय विकास कार्यों का जायजा लेना था। मुख्यमंत्री ने पहले निवाड़ी जिले में स्थित ओरछा में श्रीरामराजा सरकार मंदिर में दर्शन किए और वहां आयोजित पारंपरिक कार्यक्रमों में शामिल हुए।
ओरछा में सांस्कृतिक अनुभव और विकास के निर्देश
ओरछा पहुंचकर मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध श्रीरामराजा सरकार मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित बुंदेली लोकगीतों और मोनिया नृत्य का आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने खुद झांझर बजाई और जमीन पर बैठकर भजन सुने, जिससे स्थानीय संस्कृति के प्रति उनका जुड़ाव दिखा। इसके अलावा, उन्होंने पुरातत्व उद्यान का निरीक्षण किया और पार्क परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने बाजार का भी भ्रमण कर दुकानदारों से बातचीत की और उनके व्यापार से जुड़ी समस्याओं को सुना। इस मौके पर उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि एक दुकानदार की आर्थिक समस्या को दूर करने के लिए दो लाख रुपये की राशि अंतरित की जाए।
मुख्यमंत्री ने ओरछा में चल रहे 'रामराजा लोक' के निर्माण कार्यों पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ओरछा को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री का मानना है कि ओरछा की लोक संस्कृति और जन-आस्था इसकी विशिष्ट पहचान है, जिसे संरक्षित और विकसित किया जाना चाहिए।
चित्रकूट धाम में दीपदान और संतों का सम्मान
ओरछा के बाद मुख्यमंत्री सतना जिले के चित्रकूट धाम पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्री राम की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने पवित्र मंदाकिनी नदी में दीपदान किया और प्रदेश व देश के नागरिकों की कल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने चित्रकूट धाम के संतों को शाल, श्रीफल और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट क्षेत्र का विकास भी धार्मिक महत्व और तीर्थाटन की दृष्टि से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में भारतीय संस्कृति की विशेषता को उजागर करते हुए कहा कि अन्य देशों में पर्यटन केवल आर्थिक दृष्टि से किया जाता है, जबकि भारत में धार्मिक स्थलों का विकास नागरिकों के मनोभावों को पावन बनाने के उद्देश्य से होता है। उन्होंने उज्जैन के महाकाल लोक की तरह ओरछा में 'राम राजा लोक' और चित्रकूट में 'वनवासी राम लोक' के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी, अयोध्या और उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के विकास ने नई पहचान बनाई है, और मध्य प्रदेश में भी इसी दिशा में कार्य हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने दीपावली और रूप चौदस के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से किसानों, युवाओं और गौपालकों का कल्याण हो। इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे सकारात्मक प्रभाव की भी चर्चा की।
पृष्ठभूमि
ओरछा को 'बुंदेलखंड की अयोध्या' माना जाता है, जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है। चित्रकूट धाम वनवास काल में भगवान राम के प्रवास के लिए प्रसिद्ध है। मध्य प्रदेश सरकार इन स्थलों को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने पर बल दे रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिले।
स्रोत
यह ख़बर इन 3 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- punjabkesari.com — मुख्यमंत्री मोहन यादव दीपावली से एक दिन पहले राम के धाम पहुंचे
- bhaskarhindi.com — मुख्यमंत्री मोहन यादव दीपावली से एक दिन पहले राम के धाम पहुंचे | Bhopal: CM Mohan Yadav flags off four new direct flight services
- mpbreakingnews.in — CM मोहन यादव ने ओरछा में रामराजा सरकार के किए दर्शन, खुद झांझर बजाकर बुंदेली संस्कृति और लोकगीतों का लिया आनंद
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


