प्रज्वल रेवन्ना मामले की जांच में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर तीन पुलिस अधिकारियों को मिला केंद्र का मेडल
कर्नाटक की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के तीन अधिकारियों को प्रज्वल रेवन्ना के यौन उत्पीड़न मामले की जांच में बेहतरीन काम के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय का पदक दिया गया है।

बेंगलुरु में कर्नाटक की विशेष जांच टीम (एसआईटी) और अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के तीन पुलिस अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 'मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े यौन उत्पीड़न मामलों की जांच में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सम्मानित अधिकारियों में इंस्पेक्टर शोभा, सहायक उपनिरीक्षक रत्नम्मा और सीएचसी बालकृष्ण शामिल हैं।
चुनौतियों के बीच सफल जांच
एसआईटी की यह टीम उसी जांच दल का हिस्सा थी जिसने रेवन्ना के खिलाफ दर्ज मामलों का पता लगाया था। जांचकर्ताओं ने अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके परिणामस्वरूप रेवन्ना को दोषी ठहराया गया। जांच प्रक्रिया में कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि बरामद किए गए वीडियो में आरोपी का चेहरा स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा था। ऐसे में पुलिस ने शरीर पर मौजूद जन्मचिह्न, तिल और टैटू के आधार पर मेडिकल परीक्षण की तस्वीरों और फोरेंसिक तकनीकों का उपयोग कर पहचान सुनिश्चित की। टीम ने सैकड़ों वीडियो और हजारों डिजिटल स्क्रीनशॉट का विश्लेषण किया।
कानूनी प्रक्रिया और सजा
बेंगलुरु की विशेष अदालत ने 1 अगस्त 2025 को रेवन्ना को दोषी करार दिया और 2 अगस्त 2025 को उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। यह सजा भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(के) और 376(2)(एन) के तहत दी गई। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न, महिला की मर्यादा भंग, झांकने, आपराधिक धमकी और साक्ष्य नष्ट करने जैसे अन्य मामलों में भी सजा सुनाई गई। अदालत ने 11.50 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया, जिसमें से 11.25 लाख रुपए पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाने का आदेश दिया गया। रेवन्ना ने इस फैसले को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन दिसंबर 2025 में खंडपीठ ने जमानत और सजा पर रोक की याचिका खारिज कर दी थी।
पृष्ठभूमि
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और पूर्व जनता दल (सेक्युलर) सांसद हैं। उन पर 2021 में एक 47 वर्षीय घरेलू महिला कर्मचारी के साथ बार-बार दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। जांच और सुनवाई के दौरान पीड़ितों को धमकियों की शिकायतें आई थीं और रेवन्ना की जेल सेल से मोबाइल फोन जैसी प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
स्रोत
यह ख़बर इस स्रोत के आधार पर तैयार की गई है:
- punjabkesari.com — कर्नाटक: प्रज्वल रेवन्ना मामले की जांच करने वाले एसआईटी के तीन अधिकारियों को गृह मंत्रालय से मिला मेडल
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

