अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाकर छह साल करने पर राजनीतिक विवाद
केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि चार से बढ़ाकर छह साल कर दी है। इस फैसले की सराहना भाजपा ने की है, जबकि कांग्रेस और राजद ने इसे युवाओं की समस्या का स्थायी समाधान नहीं मानते हुए सवाल उठाए हैं।

नई दिल्ली, 4 नवंबर: केंद्र सरकार द्वारा अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्षों से बढ़ाकर छह वर्षों करने के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इस बदलाव के तहत उन 75 प्रतिशत अग्निवीरों, जिनका चार साल का कार्यकाल समाप्त होने वाला था, को दो अतिरिक्त वर्षों की सेवा का अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनके प्रदर्शन और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर नियमित सेना में शामिल करने का प्रावधान बना है। इस महत्वपूर्ण फैसले को लेकर जम्मू-कश्मीर से लेकर राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
सत्ता पक्ष का समर्थन और विपक्ष की आलोचना
भाजपा के नेताओं ने इस कदम को देश की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और अग्निवीरों के भविष्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना है। श्रीनगर में भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि अग्निवीर योजना का मूल उद्देश्य देश की सेवा और बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि अग्निवीरों ने अपनी ईमानदारी और पेशेवर क्षमता साबित की है, जिसके आधार पर 25 प्रतिशत युवाओं को सशस्त्र बलों में नियुक्त किया गया है। ठाकुर ने कहा कि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो अतिरिक्त वर्ष देना एक सही निर्णय है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने पहले इस योजना का कड़ा विरोध किया था, लेकिन अब अग्निवीरों के काम को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने भी इस फैसले का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में अग्निवीरों के लिए और भी योजनाएं बनाई जाएंगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे 'बड़ा फैसला' बताया। उन्होंने बताया कि भाजपा और एनडीए शासित राज्यों ने अपने पुलिस बलों में अग्निवीरों के लिए 15 से 20 प्रतिशत पद आरक्षित किए हैं, जिससे उन्हें सेना से बाहर आने के बाद भी रोजगार का अवसर मिलेगा। सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार देश के हित में फैसले ले रहे हैं और राज्यों में पुलिस बलों में आरक्षण की व्यवस्था अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित रखने में मदद करेगी।
स्थायी रोजगार की मांग पर सवाल
वहीं, विपक्षी दलों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। जयपुर में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस शुरुआत से ही इस योजना की कमियों को उजागर कर रही थी। उन्होंने योजना को 'बुनियादी तौर पर गलत' और युवाओं के साथ 'अन्याय' करार दिया। खेड़ा ने सवाल उठाया कि सेना में बड़ी संख्या में रिक्त पद होने के बावजूद, सरकार युवाओं को सीमित अवधि के लिए रोजगार दे रही है। उन्होंने पूछा कि दो अतिरिक्त वर्षों के बाद युवाओं को फिर बाहर जाना होगा, तो उनके रोजगार का क्या होगा? खेड़ा का मानना है कि केवल अवधि बढ़ाने से योजना की मूल खामी का समाधान नहीं होगा।
दिल्ली में कांग्रेस नेता उदित राज ने सरकार के इस फैसले को विपक्ष और अग्निवीरों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव विभिन्न जन आंदोलनों के असर से हुआ है और सरकार की हार है। राजद सांसद सुधाकर सिंह ने इस फैसले को 'धोखा' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनावों के नजदीक आने पर सरकार ने यह कदम उठाया है। सिंह ने कहा कि सरकार ने दो साल तक चुप्पी साधी और अब दो साल का विस्तार देकर युवाओं को फिर घर भेजने की तैयारी कर रही है। उनका कहना है कि अगर सरकार वाकई अग्निवीरों के हित में सोच रही है, तो उनकी नौकरी स्थायी करनी चाहिए।
गाजीपुर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक बेदी राम ने सरकार के फैसले को विपक्ष के विरोध का कड़ा जवाब बताया। उन्होंने कहा कि जब योजना शुरू हुई थी, तब युवा इसमें शामिल हो रहे थे, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध किया था। राम ने कहा कि सरकार ने 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित किया है और शेष 75 प्रतिशत को दो अतिरिक्त वर्ष दिए हैं ताकि उनके लिए कुछ और किया जा सके।
पृष्ठभूमि
अग्निवीर योजना की शुरुआत में ही विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया था, जो कि चार साल की सीमित अवधि के लिए थी। अब सरकार ने इस अवधि को बढ़ाकर छह साल कर दिया है, जिसके बाद राजनीतिक दलों के बीच इस योजना की प्रभावशीलता और युवाओं के भविष्य को लेकर चर्चा चल रही है।
स्रोत
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- punjabkesari.com — अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने पर सियासत: भाजपा ने बताया बड़ा फैसला, कांग्रेस-राजद ने उठाए सवाल
- bhaskarhindi.com — अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने पर सियासत भाजपा ने बताया बड़ा फैसला, कांग्रेस-राजद ने उठाए सवाल | ?????????? ?? ???? ???? ?????? ?? ??????: ????? ?? ????? ???? ?????, ????????-???? ?? ???? ????
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