कोलकाता में एनसीसी कैडेटों को 'सी विजिल 2026' अभ्यास के लिए तैयार किया गया
पश्चिम बंगाल के नेवल ऑफिसर-इन-चार्ज ने कोलकाता में एनसीसी कैडेटों और भारत स्काउट्स के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह राष्ट्रीय तटीय रक्षा अभ्यास 18-19 नवंबर को होना है।

कोलकाता, 4 नवंबर। हर दो साल में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के तटीय रक्षा अभ्यास 'सी विजिल 2026' को लेकर पश्चिम बंगाल के नेवल ऑफिसर-इन-चार्ज (एनओआईसी) ने बुधवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर कोलकाता स्थित आईएनएस नेताजी सुभाष में एनसीसी कैडेटों और भारत स्काउट्स के लिए एक परिचय दौरा संचालित किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और समूद्री सुरक्षा के महत्व को समझाना है, जिसे 'सी विजिल 2026' का एक प्रमुख लक्ष्य माना गया है।
इसी कार्यक्रम के दौरान कैडेटों को भारतीय नौसेना, एग्जामिनेशन सर्विसेज और वॉर वॉचिंग ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूडब्ल्यूओ) की मुख्य भूमिकाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। युवाओं ने न केवल समूद्री सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर पाया, बल्कि उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव भी प्रदान किया गया।
समूद्री सुरक्षा तंत्र का प्रत्यक्ष अनुभव
दौरा के दौरान कैडेटों को मौके पर तैनाত 'फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट्स' (एफआईसी) के कामकाज को करीब से देखने का मौका मिला, जो मुख्य रूप से जलमार्गों पर गश्ती के लिए इस्तेमाल होते हैं। इसके अलावा, समूद्री सुरक्षा में इस्तेमाद होने वाले छोटे हथियारों को संभालने और उनके तकनीकी पहलूओं के बारे में जानने का अनुभव भी दिया गया। यह पहल इस बात को दर्शाती है कि सुरक्षा बल न केवल संरक्षण के लिए, बल्कि जनजागृति के लिए भी युवाओं को अपनी प्रक्रियाओं से जोड़ना चाहते हैं।
अभ्यास की तारीखें और पैमाना तय हो चुका है। 'सी विजिल 2026' 18 और 19 नवंबर, 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह इस राष्ट्रीय अभ्यास का पांचवां संस्करण होगा, जिसका पिछला संस्करण नवंबर 2024 में हुआ था। यह अभ्यास पूरे भारत की 11,098 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर फैला हुआ है। पिछले संस्करणों में छह केंद्रीय मंत्रालय, 21 केंद्रीय और राज्य एजेंसियां, तथा समूद्री सुरक्षा से जुड़े प्रमुख हितधारक शामिल हुए थे। थल सेना और वायু सेना ने भी हिस्सा लिया था और उम्मीद है कि इस बार भी वे इसमें भाग लेंगे।
वास्तविक स्थिति के नज़दीक अभ्यास
'सी विजिल' अभ्यास की खासियत यह है कि यह वास्तविक स्थिति के बहुत करीब होता है। इसमें महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा करने वाली एजेंसियों की आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखा जाता है। 2024 के संस्करण के दौरान, कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल परिसर में नकली 'इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस' (आईईडी) रखे गए थे और 'हथियारबंद' घुसपैठिए बंदरगाह परिसर में दाखिल हो गए थे। इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र की जहाज निर्माता कंपनी 'गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड' पर पानी के रास्ते 'हमला' करने का प्रयास भी किया गया था।
इस अभ्यास में सुरक्षा एजेंसियों को 'रेड' और 'ब्लू' टीमों में बांटा जाता है। 'रेड' टीमें हमलावर की भूमिका निभाती हैं, जबकि 'ब्लू' टीमों को महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा करनी होती है। अभ्यास का मूल उद्देश्य भारत की तटीय संपत्तियों, जैसे बंदरगाह, तेल रिग, संवेदनशील क्षेत्र और केबल लैंडिंग स्टेशन की सुरक्षा को मजबूत करना है। इसमें भारत की विशाल तटरेखा और 2.4 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैले 'एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन' (ईईजेड) पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
26/11 के मुंबई हमलों के बाद से भारतीय नौसेना को समूद्री सुरक्षा के लिए मुख्य एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 'एक्सरसाइज सी विजिल' केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें सैन्य बलों के अलावा स्थानीय समुदायों, एनसीसी कैडेटों, एनएसएस स्वयंसेवकों, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स और मछुआरों को भी शामिल किया जाता है। पश्चिम बंगाल का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यहां सुंदरबन, जो दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन और डेल्टा है, स्थित है, जिसकी निगरानी सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
पृष्ठभूमि
भारत की समूद्री सीमाओं की सुरक्षा को लेकर 'सी विजिल' अभ्यास एक महत्वपूर्ण पहल है। 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारतीय नौसेना को समूद्री सुरक्षा के लिए प्रमुख एजेंसी की भूमिका सौंपी गई थी। इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न सरकारी एजेंसियों, सैन्य बलों और नागरिकों के बीच तालमेल बढ़ाना और संभावित खतरों से निपटने की क्षमता को परखना है।
स्रोत
यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- punjabkesari.com — एनसीसी कैडेटों और भारत स्काउट्स को 'एक्स सी विजिल 2026' के बारे में जागरूक किया गया
- bhaskarhindi.com — एनसीसी कैडेटों और भारत स्काउट्स को 'एक्स सी विजिल 2026' के बारे में जागरूक किया गया | NCC cadets, Bharat Scouts sensitised about Ex Sea Vigil 2026 (Photo: IANS)
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।


