शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 हमारे बारे मेंRSSहिंदीEnglishEspañol中文
फ़ेलो समाचार

देश-दुनिया की ख़बरें, कई स्रोतों से, एक जगह

देश · मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में शहरी किफायती आवास नीति-2026 का प्रारूप जारी, आम सुझाव आमंत्रित

मध्यप्रदेश सरकार ने 'मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति-2026' का प्रारूप जारी कर नागरिकों से सुझाव मांगे हैं। इस नीति का उद्देश्य किफायती आवासों की मांग को पूरा करना और विकसित मध्यप्रदेश-2047 की संकल्पना को आगे बढ़ाना है।

तस्वीर: bhaskarhindi.com

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश सरकार ने 'मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति-2026' का प्रारूप जारी कर जनता से आधिकारिक रूप से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इस प्रारूप को हाल ही में इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'अर्बन ग्रोथ कॉनक्लेव 2.0' के दौरान सार्वजनिक परामर्श के लिए रखा गया। यह नीति प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार की गई है और इसके माध्यम से राज्य के हर नागरिक को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।

निजी क्षेत्र और डिजिटल प्रक्रियाओं पर जोर

नीति प्रारूप में आधुनिक तकनीक और निजी क्षेत्र के सहयोग को प्राथमिकता दी गई है। किफायती आवास निर्माण को गति देने के लिए निजी डेवलपर्स को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें स्वीकृति प्रक्रियाओं का सरलीकरण, एफएआर में वृद्धि और शुल्कों में रियायत शामिल है। साथ ही, प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए 'ब्रिज फॉर हाऊसिंग :यूनिफाइड& इनफार्मेशन' (बीएचयूएमआई) नामक एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए नागरिक और डेवलपर्स आवास संबंधी कार्यों की स्थिति को डिजिटल रूप से ट्रैक कर सकेंगे।

प्रारूप में मलिन बस्तियों के इन-सिचु पुनर्विकास पर भी बल दिया गया है, जिसमें परिवारों को विस्थापित किए बिना उनकी मूल बसाहट के निकट पक्के आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के समीप श्रमिकों और विद्यार्थियों के लिए किफायती किराए के आवास मॉडल विकसित किए जाएंगे। राज्य में अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से 9 लाख से अधिक निर्माण कार्य पूर्ण हो गए हैं।

विज्ञापन

पृष्ठभूमि

मध्यप्रदेश में तीव्र गति से हो रहे नगरीकरण, औद्योगिक विस्तार और ग्रामीण से शहरी प्रवास के कारण किफायती आवासों की मांग में वृद्धि हुई है। इस नीति का उद्देश्य इस बढ़ती मांग को पूरा करना और 'विकसित मध्यप्रदेश-2047' की संकल्पना को साकार करना है।

स्रोत

यह ख़बर इस स्रोत के आधार पर तैयार की गई है:

  • bhaskarhindi.com — MP News: "सुरक्षित आवास, समावेशी विकास, विकसित मध्यप्रदेश" ड्रॉफ्ट पर सुझाव आमंत्रित | Suggestions invited on the draft: "Safe Housing, Inclusive Development, Developed Madhya Pradesh"

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

मध्यप्रदेशआवास नीतिडॉ. मोहन यादवशहरी विकासकिफायती आवास