महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महाविकास आघाड़ी को तीन, महायुति को दो सीटों पर जीत
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के नतीजों में महाविकास आघाड़ी ने तीन और महायुति ने दो सीटें जीतीं। नागपुर में बीजेपी के उम्मीदवार को दूसरी पसंद के वोटों के कारण हार का सामना करना पड़ा।

महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच रिक्त सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। इन नतीजों ने राज्य की राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से गढ़ दिया है। कुल पांच सीटों में से तीन सीटें महाविकास आघाड़ी के खाते में गईं, जबकि दो सीटें महायुति के उम्मीदवारों ने जीतीं। इस चुनाव का सबसे बड़ा मोड़ नागपुर स्नातक सीट पर देखा गया, जहां बीजेपी के उम्मीदवार को अंतिम पल में हार का सामना करना पड़ा।
नागपुर में दूसरी पसंद के वोटों का असर
नागपुर स्नातक सीट की मतगणना में शुरुआती चरण और अंतिम नतीजे में बड़ा अंतर दर्ज किया गया। बीजेपी के सुधाकर कोहले को पहली पसंद के वोटों की गिनती में 60,924 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को 56,630 वोट मिले। इस चरण में कोहले 4,294 वोटों से आगे चल रहे थे। हालांकि, पहली पसंद के वोटों से जीत के लिए आवश्यक संख्या पूरी नहीं हुई। इसके बाद दूसरी पसंद के वोटों की गिनती की गई, जिसमें निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले की मतपत्रिकाओं पर दर्ज वोटों ने अभिजीत वंजारी को फायदा पहुंचाया। अंतिम नतीजे में वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि कोहले को 63,960 वोट मिले। इस प्रकार वंजारी ने 3,271 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह कांग्रेस की नागपुर से लगातार दूसरी जीत है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस जीत को बीजेपी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश बताया।
अन्य चार सीटों पर दलों का प्रदर्शन
पुणे स्नातक सीट पर शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने बीजेपी की स्मिता जाधव को हराया। इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार चयन को लेकर भी चर्चा रही थी। छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर एनसीपी के दो गुटों के बीच मुकाबला हुआ। शरद पवार की पार्टी के डॉ. प्रतापसिंह पाटिल ने अजित पवार की पार्टी के मौजूदा विधायक सतीश चव्हाण को 18,124 वोटों के अंतर से हराया। पाटिल को 85,876 वोट मिले, जबकि चव्हाण को 67,752 वोट मिले। चव्हाण पहले लगातार तीन बार इस सीट से जीत चुके थे।
पुणे शिक्षक सीट पर बीजेपी के कौस्तुभ गावड़े ने जीत दर्ज की। इस सीट पर महायुति के भीतर उम्मीदवारों को लेकर तालमेल न होने का नतीजा देखा गया। शिवसेना ने शुरुआत में मंगेश चिवटे को उतारा था, जो बाद में हट गए, और फिर निर्दलीय सचिन सानप का समर्थन किया। बीजेपी और शिवसेना के समर्थन वाले उम्मीदवार अलग-अलग रहने के कारण वोट बंट गए, जिससे गावड़े विजयी रहे। अमरावती शिक्षक सीट पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के किरण सरनाईक ने जीत हासिल की। उन्हें 16,663 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की अदिति पोहरे को 8,636 वोट मिले। सरनाईक ने शिक्षकों के मुद्दों को विधान परिषद में उठाने का वादा किया है।
इन नतीजों ने महायुति के भीतर उम्मीदवार चयन और सहयोगी दलों के बीच तालमेल पर सवाल खड़े किए हैं। एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने पार्टी के प्रदर्शन पर विचार करने और गलतियों को सुधारने की आवश्यकता बताई।
पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव अक्सर राज्य की राजनीतिक गतिशीलता को दर्शाते हैं। इस बार एनसीपी के दो गुटों के बीच सीधे मुकाबले और महायुति के भीतर तालमेल की कमी ने नतीजों को प्रभावित किया। नागपुर, जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है, में बीजेपी की हार को राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
स्रोत
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- tv9hindi.com — महाराष्ट्र MLC चुनाव: 5 सीटों के नतीजों ने बदला सियासी मिजाज, समझें पूरा गणित
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