दीपावली से पहले राजस्थान और मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग ने की बड़ी कार्रवाई
दीपावली के त्योहार को लेकर राजस्थान के तीन जिलों और मध्य प्रदेश के इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की। सैकड़ों किलो दूषित मावा और घी नष्ट किए गए, जबकि कई प्रतिष्ठानों पर नोटिस जारी किए गए।

दीपावली त्योहार के आने के साथ ही बाजारों में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग में इजाफा हुआ है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में विशेष अभियान चलाया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य आम लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाना है। विभाग की टीमों ने दुकानों और निर्माण इकाइयों पर छापा मारकर मिलावटी सामान की पहचान की है।
राजस्थान में टोंक, धौलपुर और अलवर जिलों में खाद्य सुरक्षा टीमों ने अलग-अलग जगहों पर निरीक्षण किया। टोंक जिले के उनियारा क्षेत्र के पचाला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर के नेतृत्व में टीम ने दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 100 किलोग्राम बदबूदार मावा मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। टीम ने धनिया पाउडर सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने भी लिए, जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
धौलपुर जिले के मनियां क्षेत्र में भी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान 600 किलोग्राम दूषित मावा और 45 किलोग्राम एक्सपायरी वनस्पति घी नष्ट करवाया गया। लक्ष्मीधर मावा प्लांट पर दुर्गंधयुक्त मावा मिलने के बाद उसे तत्काल नष्ट किया गया। इसके अलावा, विभाग की टीम ने मावा, दूध, क्रीम और रिफाइंड पामोलीन तेल के नमूने भी लिए हैं। मुकेश दूध डेयरी एवं मावा प्रोडक्ट का भी निरीक्षण किया गया।
मध्य प्रदेश में भी मिलावट की आशंका
मध्य प्रदेश के इंदौर में भी खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय है। कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में जिला खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने विशेष निरीक्षण शुरू किया है। गुरुवार को टीम ने कुल पांच खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 12 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे। ग्राम अहीरखेड़ी स्थित श्री श्याम फूड एजेंसी में मावे के निर्माण में मिलावट की आशंका जताई गई। वहां से लगभग 341 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपये बताई गई है।
इंदौर की कार्रवाई के दौरान पाया गया कि दूध से फैट निकालकर उसमें स्किम्ड मिल्क पाउडर मिलाकर मावा तैयार किया जा रहा था। साथ ही, खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए उपयुक्त श्रेणी का पंजीयन उपलब्ध नहीं था, जिसके बाद कारोबार को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया। ग्राम पालदा स्थित मार्बल्लो फूड प्रोडक्ट्स में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया। वहां जेली निर्माण क्षेत्र में गंदगी और उत्पादन क्षेत्र में शौचालय मिलने की भी बात सामने आई है।
राजस्थान के अलवर और रामगढ़ में मिलावट की आशंका के चलते दो ब्रांड के कुल 350 लीटर घी को सीज किया गया है। इन घी के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। सभी जिलों में लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि इस अभियान से बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है।
पृष्ठभूमि
दीपावली त्योहार के दौरान मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की खपत में भारी इजाफा होता है, जिसके चलते मिलावट की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसे समय पर विशेष जांच अभियान चलाता है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकें।
स्रोत
यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:
- hindi.news18.com — दीपावली से पहले मिलावटी सामानों पर कार्रवाई, तीन जिलों में टीम ने बोला धावा
- mpbreakingnews.in — इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग का एक्शन, मिलावट की आशंका में 341 किलो खाद्य सामग्री जब्त, जांच के लिए भेजे गए सैंपल
यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।
