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चुनाव आयोग ने 6 राज्यों में SIR की समय-सीमा बढ़ाई, दिल्ली में 22 दिसंबर को जारी होगी अंतिम सूची

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नागालैंड में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के लिए नई तारीखें तय की हैं, जिससे मतदाताओं को दावे-आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

तस्वीर: bhaskarhindi.com

चुनाव आयोग ने गुरुवार को महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नागालैंड में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के कार्यक्रम में बदलाव किया है। यह निर्णय संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा किए गए अनुरोध के बाद लिया गया है। आयोग ने इन सभी राज्यों और दिल्ली को आधिकारिक पत्र भेजकर समय-सीमा बढ़ाए जाने की सूचना दे दी है। इस फैसले से मतदाताओं को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए और अधिक समय मिलेगा।

राज्यों के अनुसार नई समय-सीमा

महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि को 26 अक्टूबर से बढ़ाकर 13 नवंबर 2026 कर दिया गया है। इन दावों के नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 25 नवंबर तक संचालित की जाएगी, और अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित होगी। दिल्ली में भी मतदाताओं को राहत मिली है, जहां अब 30 अक्टूबर के बजाय 25 नवंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। दिल्ली में निपटारे की अंतिम तारीख 15 दिसंबर 2026 है, जबकि अंतिम सूची 22 दिसंबर 2026 को जारी की जाएगी।

हरियाणा और आंध्र प्रदेश में दावों और आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2026 तय की गई है। तेलंगाना में यह प्रक्रिया 26 नवंबर तक और नागालैंड में 25 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इन चारों राज्यों—हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नागालैंड—में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी।

प्रक्रिया में विलंब के कारण

विशेष सघन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सत्यायन, नए मतदाताओं के नाम जोड़ना, पते में बदलाव और दोहरी प्रविष्टियों को हटाना शामिल है। स्थानीय प्रशासनिक व्यस्तताओं, त्योहारों के मौसम और भारी संख्या में प्राप्त हो रहे आवेदनों के चलते निर्वाचन अधिकारियों ने समय बढ़ाने की मांग की थी, जिसके बाद आयोग ने यह विस्तार मंजूर किया। चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं ताकि मतदाताओं को नई तारीखों की जानकारी मिल सके।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद और विपक्षी दलों द्वारा SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट में फॉर्म-6 से जुड़ी सुनवाई के दौरान दिल्ली में चल रही SIR प्रक्रिया का मुद्दा भी उठा था।

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पृष्ठभूमि

विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सत्यायन किया जाता है। इसमें नए मतदाताओं को सूची में शामिल करना, पते में बदलाव दर्ज करना और दोहरी प्रविष्टियों को हटाना शामिल होता है। स्थानीय त्योहारों और प्रशासनिक कारणों के चलते यह प्रक्रिया अक्सर आगे बढ़ाई जाती है।

स्रोत

यह ख़बर इन 2 स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है:

  • bhaskarhindi.com — SIR 2026: EC ने 6 राज्यों में बढ़ाई SIR की समय-सीमा, दिल्ली में 22 दिसंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची | EC extends timeline for SIR in 6 states; final electoral roll to be published in Delhi on December 22
  • tv9hindi.com — चुनाव आयोग ने 6 राज्यों में SIR की समय सीमा बढ़ाई, दिल्ली में अब 22 दिसंबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट

यह लेख ऊपर दिए स्रोतों के आधार पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लिखा गया है। हम कैसे काम करते हैं।

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